उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने यूपीए सरकार को समर्थन जारी रखने या वापस लेने का फैसला कल तक के लिए टाल दिया है। यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित अपनी रैली में मायावती ने कहा कि बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस मामले पर फैसला लिया जाएगा।
मायावती ने कहा कि बसपा रिटेल सेक्टर में एफडीआई की अनुमति के खिलाफ है। इससे छोटे व्यापारियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। केंद्र सरकार के आर्थिक सुधार संबंधी फैसलों को जन विरोधी बताते हुए मायावती ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। जिस तरह से सरकार ने एलपीजी सिलेंडर का कोटा तय किया है, उससे वह देश को पुराने युग में ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 से पहले हो सकते हैं।
मायावती ने अपने भाषण में यूपी की समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज क्राइम प्रदेश बन गया है। यूपी सरकार के फैंसलों को दलित विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने काशीराम पुण्यतिथि पर छुट्टी रद्द करके अपनी दलित विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सपा सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी में गुंडों का राज हो गया है। सरकार के अभी तक के कार्यकाल में चोरी, बलात्कार, लूटमार जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न में उत्तर प्रदेश अब नंबर वन प्रदेश बन गया है। आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश सरकार की जमकर खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने मुस्लिम समाज के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले 6 महीने में दर्जनभर से ज्यादा सांप्रदायिक दंगों की घटनाएं सामने आई हैं।