सरकार के आर्थिक एजेंडे को पटरी से उतारने के लिए विपक्षी एकता सोमवार को ही तार तार होती दिखी। बसपा ने सरकार के खिलाफ पांच दलों का मोर्चा बनाने का दावा करने वाले जदयू पर सीधा निशाना साध कर इस आशय का साफ संकेत दे दिया।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बीमा बिल मामले में अगर सेलेक्ट कमेटी में पार्टी की मांग मानी जाएगी तो वह बिना वजह राज्यसभा में गतिरोध पैदा नहीं करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने मोर्चा बनाने का दावा करने वाले जदयू नेता केसी त्यागी पर सीधा हमला बोला और कहा कि त्यागी बसपा के ठेकेदार नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक के बाद त्यागी ने बीमा बिल के खिलाफ सपा, बसपा, जदयू, भाकपा और माकपा के एक मंच पर आने की बात कही थी। इतना ही नहीं त्यागी ने इस संदर्भ में कांग्रेस को भी साथ आने का न्यौता दिया था। तब माना जा रहा था कि सरकार के लिए परेशानी खड़ी करने की मंशा रखने वाली कांग्रेस इस प्रस्ताव को हाथों हाथ लेगी। हालांकि इस घोषणा के महज चंद घंटेबाद बसपा के रुख ने विपक्ष की एकता में दरार पड़ने का साफ संदेश दे दिया।