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रेल किराया बढ़ाने पर बसपा और डीएमके नाराज

Thu, 10 Jan 2013 01:58 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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रेल किराये में बढ़ोत्तरी के बाद सियासी विरोध तेज हो गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ सरकार के सहयोगी भी उसे किराये में बढ़ोत्तरी पर आंख दिखा रहे हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बाद अब डीएमके और बसपा ने इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए केंद्र सरकार से रोल बैक की मांग की है।
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यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे रेलवे का कांग्रेसीकरण हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाकर आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। अब रेल किराया बढ़ाकर केंद्र सरकार ने अपने मनमाने रवैये का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि रेल में ज्यादातर गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सफर करते हैं, किराये में बढ़ोत्तरी से इन दोनों वर्गों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। केंद्र सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए मायावती ने रेल किराये की बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग की है।
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यूपीए सरकार की दूसरी बड़ी सहयोगी पार्टी डीएमके भी रेल किराये में इजाफे के फैसले से नाराज है। डीएमके ने कहा है कि वह इस फैसले की शिकायत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से करेगी। डीएमके पहले भी एलपीजी सिलेंडर का कोटा तय करने के फैसले पर भी सरकार से विरोध जता चुकी है।

वहीं, प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रेल किराये में वृद्धि के फैसले का विरोध किया है। भाजपा ने फैसले को जनता पर बोझ बढ़ाने वाला कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने रेल किराये में वृद्धि की है, लेकिन रेलवे में सुविधा और सुरक्षा के मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। भाजपा ने केंद्र सरकार के इस फैसले को अस्वीकार्य करार दिया है।
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