बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। चिंगारी से पहले दीवार पर टंगे कलेंडर में आग लगी और कलेंडर बिस्तर पर गिरा तो रजाई के अंदर सो रहे मासूम भाई-बहन जिंदा ही जल गए। घरवालों को जब तक आग लगने का पता लगा तब-तक सबकुछ खत्म हो चुका था।
बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े छह बजे सुभाष नगर की शांति विहार कालोनी के विकास नगर में हुए इस अग्निकांड के बारे में जिसने सुना उधर ही दौड़ पड़ा। विक्रम सिंह सिक्योरिटी गार्ड हैं और विकास नगर में उनका अपना मकान है।
रात में वह रोज की तरह अपने बच्चों को खूब प्यार करके ड्यूटी पर गए। क्रिसमस पर गिफ्ट दिलाने का वादा भी किया। पत्नी सत्या रघुवंशी, पांच साल की बेटी निहारिका सिंह और ढाई साल का बेटा शौर्य प्रताप सिंह जब सोए तो सब कुछ ठीक था।
सुबह सत्या सोकर उठने के बाद बर्तन धोने चली गईं। अंदर कमरे में बेड पर निहारिका और शौर्य रजाई में सो रहे थे। उनके सिरहाने के ऊपर ही दीवार पर कलेंडर टंगा था और उसके नीचे बिजली के नंगे तार झूल रहे थे।