गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का करीब दस साल तक बायकाट करने के बाद आखिरकार ब्रिटेन ने उनसे रिश्ते सुधारने की पहल कर दी है। ब्रिटेन के इस कदम का स्वागत करते हुए मोदी ने भी कहा है कि देर आए दुरुस्त आए। ब्रिटेन, अमेरिका समेत कुछ देशों ने 2002 के दंगों को लेकर मोदी का बायकाट कर रखा था। ब्रिटेन के इस रुख को पश्चिमी देशों में मोदी की बदलती छवि के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ब्रिटिश सरकार ने भारत में अपने उच्चायुक्त जेम्स बेवन से कहा है कि वह गुजरात जाकर मोदी से मुलाकात करें। लंदन में ब्रिटेन के विदेश मंत्री ह्यूगो स्वायर ने कहा कि उन्होंने बेवन से मोदी और राज्य के अन्य प्रमुख लोगों से मिलकर आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करने और सहयोग के अवसर तलाशने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि गुजरात के साथ सहयोग के अवसर तलाशना भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने का ही हिस्सा है। ब्रिटेन के गुजरात में व्यापक हित हैं। हम 2002 के दंगों में मारे गए ब्रिटिश लोगों के परिजनों को न्याय दिलाना चाहते हैं। हम राज्य में बेहतर प्रशासन और मानवाधिकारों का समर्थन करना चाहते हैं। हम गुजरात में काम करने वाले और रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले ब्रिटिश नागरिकों की भी मदद करना चाहते हैं। साथ ही उन गुजरातियों की भी ज्यादा से ज्यादा सहायता करना चाहते हैं जो अब ब्रिटेन में सबसे सफल समुदायों में से एक हैं।
स्वायर के इस बयान पर प्रतिक्रिया में मोदी ने अपने ट्वीट में कहा है कि मैं ब्रिटिश सरकार के इस कदम का स्वागत करता हूं कि वह गुजरात के साथ रिश्ते मजबूत करना चाहती है। ईश्वर महान है। मालूम हो कि गोधरा कांड के बाद के दंगों को लेकर ब्रिटेन ने नीतिगत फैसला लेते हुए गुजरात के साथ सक्रिय संबंध नहीं रखने का फैसला किया था। मोदी 2003 के बाद कभी ब्रिटेन भी नहीं गए हैं।