दुल्हन ने ऐन वक्त पर दूल्हे राजा को रिजेक्ट कर दिया। बोली, दूल्हा पसंद नहीं है इसलिए शादी नहीं करनी।
दुल्हन के इस कदम से सभी सकते में आ गए। मान मनौव्वल का दौर भी चला। लेकिन फैसला सुना चुकी दुल्हन टस से मस नहीं हुई।
इधर, मुरादाबाद में दूल्हा सजधज कर तैयार था। उधर, रामपुर में दुल्हन अपने फैसले पर अडिग थी। वक्त बीता और शाम से रात हो गई।
दूल्हा घोड़े पर चढ़ गया और मेहमानों का कारवां भी विवाह स्थल पर आ जुटा। लेकिन दुल्हन पक्ष नहीं आया। देर रात दुल्हन के फैसले की जानकारी दूल्हे को हुई तो घोड़े से उतरकर सीधा थाने पहुंचा और तहरीर देकर मुकदमे की मांग कर डाली।