एक मुस्लिम महिला जो अपने प्यार को पाने के लिए घ्ार छोड़ कर चली गई थी। बिहार पीएससी की परीक्षा में पास होने वाली अकेली मुस्लिम महिला बन गई है।
30 वर्षीय हुस्ना आरा बिहार पीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली अकेली मुस्लिम हैं। जन्म से हिंदू राजन झा को पाने के लिए हुस्ना ने अपना घ्ार छोड़ दिया था। हुस्ना आरा 969 लोगों की सूची में अकेली मुस्लिम महिला हैं।
हुस्ना ने बिहार पीएससी की परीक्षा हिंदी साहित्य और राजनीतिक विज्ञान विषयों से दी थी। हुस्ना की ओवर ऑल्ा रैंक 407 है।
हुस्ना ने परास्नातक की पढ़ाई पटना से की है। इस समय हुस्ना जेएनयू में रसियन स्टडीज विभाग से एमफिल कर रही हैं।
हुस्ना जल्द ही ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर बन जाएंगीं। हुस्ना ने कहा कि बिहार पीएससी में मेरी सफलता समाज में एक अच्छा संदेश देगी कि अंतरधार्मिक होने वाली शादियों से कोई नुकसान नहीं होता है।
हुस्ना ने कहा कि राजन से शादी करने के बाद बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस कारण हम दोनों को बिहार छोड़ना पड़ा। इसके बाद हम दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत शादी की।
राजन इस समय जेएनयू के सेंट्रल एशियन स्टडीज से पीएचडी कर रहे हैं। राजन ने बताया कि उनके माता-पिता ने हमारी शादी को स्वीकार कर लिया है। वहीं हुस्ना के माता-पिता ने अभी भी उनकी शादी को स्वीकार नहीं किया है।