मुजफ्फरनगर के 16 वर्षीय बॉक्सर हर्षप्रीत सहरावत ने रशिया में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्हें न भेजे जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने इस मुद्दे पर युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय सहित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति वीपी वैश ने दोनों पक्षों को 19 अगस्त तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आखिर योग्यता होने के बावजूद याची को विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में क्यों नहीं भेजा जा रहा? याची के अधिवक्ता डीआर निगम ने अदालत को बताया कि हर्षप्रीत सहरावत राष्ट्रीय स्तर की बाक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड व सिल्वर मेडल जीत चुका है। बाक्सिंग में 80 किलो प्लस श्रेणी के सबसे योग्य प्रत्याशी है। उसने ट्रायल पर सभी राज्यों के बॉक्सरों को पराजित किया है। इसके बावजूद चयन कमेटी ने हर्षप्रीत का नाम रशिया में 2 से 13 सितंबर को होने वाली विश्व बाक्सिंग जूनियर प्रतियोगिता के लिए नहीं भेजा। चयन कमेटी के सदस्य राज कुमार नहीं चाहते कि हर्षप्रीत आगे बढ़े। उन्होंने अदालत को बताया कि हर्षप्रीत पहले राज कुमार की अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा था। अब प्रतिद्वंद्वी अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा है। राजकुमार के दबाव में चयन कमेटी ने निर्णय कर लिया कि 75, 80 व 80 प्लस श्रेणी के बॉक्सरों को प्रतियोगिता में न भेजा जाए। जबकि, हर्षप्रीत का जूनियर श्रेणी में अंतिम वर्ष है और उसका प्रतियोगिता में विजयी होने की पूरी संभावना है। ऐसे में यह प्रतियोगिता उनके मुवक्किल का भविष्य भी तय करेगी। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि चयन समिति के गैरकानूनी व मनमाने निर्णय को रद्द कर उनकेमुवक्किल को प्रतियोगिता में भेजने का निर्देश दिया जाए।