नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी रहस्यमय गुमशुदगी के बाद आजाद हिंद फौज के जरिये चीन के कम्यूनिस्ट आंदोलन में भी हिस्सा लिया था और आंदोलन को खुला समर्थन दिया था।
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा खोली गई नेताजी से जुड़ी फाइलों में खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यह दावा किया गया है। इनमें कहा गया है कि ताइवान में हुई विमान दुर्घटना के बाद अपनी रहस्यमय गुमशुदगी के दौरान वर्ष 1949 में नेताजी ने चीन में शरण ले रखी थी और उसी दौरान उन्होंने वहां कम्यूनिस्ट आंदोलन में भी सक्रिय हिस्सा लिया था। यह रिपोर्ट नेताजी के बड़े भाई शरत चंद्र के दावों पर आधारित है।