राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक-दूसरे को घेरने के लिए बुकलेट का भी सहारा ले रहे हैं। अपनी उपलब्धियों के बखान और दूसरों की कमी को उजागर करने के लिए सांसदों को बाकायदा निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसमें सबसे आगे है भारतीय जनता पार्टी। भाजपा ने ‘सच बोलता है’ नाम से अंग्रेजी और हिंदी में एक बुकलेट छपवाई है। इसे पार्टी सांसदों में वितरित किया गया है। वहीं एम्स में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों में भी बुकलेट बांटी गई है।
भगवा रणनीतिकारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमजोर पड़ रही चमक की चिंता सताने लगी है। विपक्ष इस अवसर का सियासी लाभ न उठा पाए, इसके लिए सरकार और भाजपा ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों को बेनकाब करने की रणनीति बनाई है। ‘सच बोलता है’ इसी कड़ी में किया गया प्रयास है।
विपक्ष को बेनकाब करने का निर्देश
संसदीय दल की बैठक में पार्टी आलाकमान ने सांसदों से कहा है कि वे इस बुकलेट में दी बातों को लेकर जनता में जाएं। सांसदों को बुकलेट में दिए गए तर्कों के सहारे कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की पोल खोलने के लिए कहा गया है।
भाजपा सांसदों को जब यह बुकलेट दी जा रही थी, उसी समय अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर समाजवादी पृष्ठभूमि के सांसदों में एक दूसरी बुकलेट बंट रही थी।
इस बुकलेट में एम्स निदेशक के काले चिट्ठे और उनकी सरकार के साथ कथित सांठगांठ की दास्तान छपी हुई है। यह बुकलेट जनहित रिसर्च ग्रुप के जरिये छापी गई है।
मोदी को हीरो बनाने का प्रयास
भाजपा संसदीय दल द्वारा तैयार 32 पेज की बुकलेट में विपक्ष के हर आरोपों का जवाब है।
इसमें नेपाल आपदा के समय पीएम मोदी की तत्परता पर छपी खबरों के सहारे उन्हें हीरो साबित करने की कोशिश की गई है। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को जीरो बताया गया है।
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