बांबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि फेसबुक मामले में दो लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले में उसने अब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के दौरान मुंबई बंद के खिलाफ पालगढ़ की दो लड़कियों ने फेसबुक पर कमेंट किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
जस्टिस अभय ओका की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सोमवार को अभियोजक कोंडे देशमुख से कहा कि वे इस मामले में राज्य सरकार की ओर से पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 12 फरवरी तक अदालत में पेश करें। खंडपीठ फेसबुक मामले में पत्रकार केतन तिरोडकर की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें गृह मंत्रालय के जरिए राज्य सरकार को लड़कियों की गिरफ्तारी के मामले में दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देने की अपील की गई है।
याचिका में तिरोडकर ने एक अखबार में छपी खबर के हवाले से कहा है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर तीन अधिकारियों ने समय पर कदम उठाया होता तो लड़कियों की गिरफ्तारी रोकी जा सकती थी। बहरहाल, इस मामले में कार्रवाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और गृह मंत्री आरआर पाटिल के विचार अलग-अलग हैं। चव्हाण का विचार है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि पाटिल इससे सहमत नहीं हैं।