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घर में बम धमाका, जलते साथी संग 3 फरार

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यूपी में बिजनौर नगर के मोहल्ला जाटान में शुक्रवार की दोपहर एक घर में बम फट गया। धमाके के बाद बम बनाने वाले चार युवक फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भाग रहे युवकों में से एक का कपड़ा भी जल रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने 9 एमएम का पिस्टल, लैपटॉप, छोटा गैस सिलेंडर, मोबाइल, सिम कार्ड और तीन आईडी की बरामदगी की है। एसटीएफ, एटीएस और आईबी की टीम जांच में जुट गई है।
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प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि युवक सिलेंडर बम बनाने की तैयारी में जुटे थे। विस्फोट के पीछे आतंकी कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है। यह भी अंदेशा है कियुवक शनिवार को उपचुनाव में मतदान के दौरान विस्फोट की साजिश रच रहे थे। डीआईजी मुरादाबाद गुलाब सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह, डीएम भूपेंद्र एस चौधरी समेत पुलिस के आला अफसरों ने मौके का मुआयना किया।

जाटान में चामुंडा रोड स्थित एक गली में स्वर्गीय धन्नू सिंह की विधवा 82 वर्षीय लीलावती उर्फलीलो देवी अकेली रहती हैं। लीलो केचार पुत्र बाहर रहते हैं। जून माह से ही चारों युवक लीलो देवी के मकान में बतौर किरायेदार रह रहे थे। युवकों ने बताया था कि वे एक खाद कंपनी में काम करते हैं।
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विस्फोट से मची अफरा-तफरी

पुलिस को मोहल्ले वालों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे तेज विस्फोट से अफरा-तफरी मच गई। लोग घटना स्थल की ओर दौड़े तो लीलो के मकान से चारों युवक निकल कर भाग रहे थे। इनमें से एक के कपड़े में आग लगी हुई थी। चारों युवक बाइकों पर बैठ कर यह कहते हुए फरार हो गए कि स्टोव फट गया है। मौके पर पुलिस पहुंची तो सारा मामला संदिग्ध लगा।

पुलिस को युवकों के कमरे से दो काले रंग केबैग से पिस्टल, लैपटॉप, मोबाइल, कई सिम कार्ड, पांच डिब्बे माचिस, तीन बेलन, लैपटॉप, छोटा सिलेंडर, मतदाता फोटो पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य सामग्री मिली है। फरार युवकों की तलाश में पुलिस ने शहर की नाकेबंदी कराई पर कोई हाथ नहीं आया। युवकों की जो आईडी कमरे से मिली हैं, वे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के उज्जैन की हैं। इनमें दो आईडी पर सलीम, नईम और एक आईडी पर अरविंद संतोष नाम अंकित है।

मेरठ, नोएडा से आई एसटीएफ, एटीएस  तथा आईबी की टीम ने मकान को बंद कर जांच-पड़ताल की। एसपी सतेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।

रेंज के डीआईजी गुलाब सिंह ने बताया कि मोहल्ले वालों ने बताया कि विस्फोट में तीन लड़के घायल हुए थे। घटना के बाद से वे फरार हैं। उनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। आईडी की भी जांच कराई जा रही है।

बिजनौर में धमाका, पूरी रेंज में सतर्कता

बिजनौर के जाटान मोहल्ले में शुक्रवार दोपहर हुए धमाके ने पूरी रेंज को दहला दिया। मतदान के ठीक एक दिन पहले विस्फोटक सामग्री के बनाए जाने की सूचना पर प्रदेश भर में हल्ला मच गया है। अफसरों ने शुक्रवार अपरान्ह से ही अलर्ट जारी करते हुए सभी थानेदारों को सघन तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ताकि किसी भी सूरत में माहौल खराब न हो।

बिजनौर में एक विधवा के मकान में किराए पर रहने आए तीन युवकों के कमरे में दोपहर जोरदार धमाका हुआ। धमाके से तीन युवक घायल हो गए, लेकिन इससे पहले कि लोग आते, तीनों अपना सामान समेटकर फरार हो गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 9 एमएम की पिस्टल, लैपटाप, दो आईडी महाराष्ट्र के पुणे की और एक आईडी मध्यप्रदेश के उज्जैन की मिली। मौके पर बारूद और माचिस की तीली में इस्तेमाल होने वाले मसाले की भारी मात्रा मिली। माना जा रहा है कि तीनों युवक बम तैयार कर रहे थे और इसी दौरान विस्फोट हो गया।

वारदात की सूचना पर अफसरों के माथे पर बल पड़ गए। तुरंत डीआईजी गुलाब सिंह मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। रेंज के सभी जिलों में अलर्ट कर दिया गया। रेलवे स्टेशन पर सिविल पुलिस और जीआरपी ने चेकिंग की। ट्रेनों को भी चेक किया गया। इसके अलावा रोडवेज, होटल, धर्मशाला, बाजारों में भी संदिग्धों की तलाशी ली गई।

एसएसपी लव कुमार के मुताबिक बिजनौर में हुई घटना के बाद अलर्ट कर दिया गया है। मतदान को देखते हुए खास एहतियात बरती जा रही है। कहीं भी लापरवाही की शिकायत मिली तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों से घुल मिलकर रहते थे युवक

लीलो देवी के पड़ोस में रहने वाले सुखवीर की पत्नी भगवती के मुताबिक विस्फोट में झुलसने के बाद युवक टंकी से अपने ऊपर पानी डाल रहा था। उन्होंने युवकों को सदा सुबह पांच बजे निकलते देखा। शाम के समय ये घर में आते थे। शुक्रवार को युवकों का घर में रहना आश्चर्य की बात है। चारों युवक बच्चों को खूब टॉफी व अन्य चीजें खिलाते थे। बच्चे प्यार से जब उनसे पूछते थे कि उनकी पत्नी व बच्चे कहां हैं तो कहते थे कि एक की ही शादी हुई है। बाकी कुंवारे हैं। जिसकी शादी हुई है, उसकी पत्नी घर पर रहती है। पड़ोस के एक युवक ने बताया कि रमजान और सावन के महीने में इन लोगों को मीट खाते देखा गया था। युवक ने टोका तो चारों ने मीट खाना बंद कर दिया और उस दिन से मीट नहीं खाया।

पुणे का बताकर कमरा लिया था किराए पर
चारों युवकों ने लीलोदेवी का मकान अपने को पुणे का रहने वाला बताकर किराए पर लिया था। पैसों के लालच में अकेली रह रही विधवा लीलो देवी ने एक कमरा किराए पर दे दिया। खुद अंदर रहने लगी। जिस मकान में युवक रहते थे, उसके दो रास्ते हैं। एक रास्ते से युवक आते जाते थे तो दूसरे से लीलो देवी आती जाती थी। इसलिए किसी को युवकों की गतिविधियों का पता नहीं था।

जिस इलाके में 500 रुपये महीने पर कमरा आसानी से मिल जाता है, वहां युवकों ने 1500 रुपये महीने पर कमरा लिया। कमरे में इन युवकों ने अपना काम शुरू कर दिया। माचिस के बड़े डिब्बे, अन्य सामान युवक कमरे में कब लाते थे, किसी को नहीं मालूम।

संदिग्धों की गतिविधि से सब अनजान

मोहल्ला जाटान में लीलो देवी के मकान में रह रहे चारों संदिग्ध युवकों के बारे में आसपास के लोगों को कुछ भी मालूम नहीं था। सब लोग इनसे अनजान थे। युवक कब घर आते, कब घर से जाते, एक दो पड़ोसी को छोड़ कर किसी को मालूम नहीं था। जिस इलाके में विस्फोट हुआ वहां पाल, सैनी, दलित बिरादरी केलोग रहते हैं। जिस गली में लीलो देवी का मकान है उसके आसपास सभी लोग पाल बिरादरी के हैं।

विस्फोट होने के बाद चारों युवकों की ओर सभी ध्यान पहुंचा। कोई कहता कि बाइक से जाते उन्हें कभी कभी देखा जाता था। किसी ने कहा कि उन्होंने कभी मोहल्ले में इन युवकों को नहीं देखा। युवक शाम को दिन ढलने पर आते थे और सबेरे पांच बचे के बाद निकल जाते थे। युवकों के पास दो बाइक थीं, उनसे ही वे आते-जाते थे। मकान के अंदर युवक क्या कर रहे हैं सब इस बात से अनजान थे। चारों युवक एक साथ आते-जाते थे। बाजार से सामान खरीदने के लिए दो युवक साथ जाते थे।

मोहल्ले के लोगों ने कभी इन्हें आसपास घूमते नहीं देखा। चारों युवक ठाठ-बाट के साथ रहते थे। जिस कमरे में युवक रहते थे, उसमे कोई चारपाई नहीं है। इससे साफ है कि युवक जमीन पर नीचे सोते थे। घर की रसोई में दो छोटे सिलेंडर और खाने पीने का सामान रखा था। रसोई में युवक अपना खाना खुद बनाते थे। विस्फोट के बाद लीलावती के मकान के आसपास लोगों की भारी भीड़ लग गई। जिसे भी पता चला, वह मकान की ओर दौड़ पड़ा। मकानों की छतों पर भी लोग चढ़े रहे।

मतदान में धमाके की तैयारी कर रहे थे आतंकी: सांसद

भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने कहा कि बिजनौर में आतंकवादी होना गंभीर मामला है। मतदान से एक दिन पूर्व ही बम बनाने से साफ जाहिर है कि आतंकवादियों की मंशा मतदान के दिन धमाके करने की थी। सांसद ने कहा कि वे इस मामले से  केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को अवगत करा चुके हैं। आवास विकास स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने ने कहा कि बिजनौर में पिछले छह महीनों से आतंकवादी ठहरे हुए थे, लेकिन पुलिस व खुफिया विभाग बेखबर था। मतदान से एक दिन पहले शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे बम बनाते समय ब्लास्ट हुआ तो सच्चाई सामने आई। प्रदेश सरकार से उन्हें उम्मीद नहीं है। केंद्र सरकार को इस मामले की सारी जानकारी दे दी गई है। प्रकरण में विस्तृत जांच होगी।

चुनाव में हिंसा कराना चाहते हैं कुछ लोग: सुरेश राणा
बिजनौर विधान सभा क्षेत्र के प्रभारी एवं थानाभवन के विधायक सुरेश राणा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधान सभा में सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री खुद कह चुके हैं कि यूपी के 35 जिलों में आईएसआई का नेटवर्क है। इसके बाद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए। प्रदेश सरकार की मानसिकता आतंकवाद विरोधी नहीं है। सपा सरकार आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेने की सिफारिश पहले भी कर चुकी है। सिमी जैसे आतंकवादी को समाजवादी संगठन कह चुकी है। सरकार के कैबिनेट मंत्री जेहाद को पवित्र बताते है। इसी जेहाद के नाम पर आतंकवादी धर्मांतरण, विस्फोट और आतंकी गतिविधिया चला रहे हैं। बिजनौर की धरती पर आतंकी घटना के बाद यह कहना गलत नहीं है कि बिजनौर के उपचुनाव में कुछ लोग भारी हिंसा कराना चाहते हैं।

एटीएस, एसटीएफ और आईबी की टीम जांच में जुटी

संदिग्ध युवकों के फरार होने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ और आईबी की टीम मकान को खंगालती रही। एक-एक चीज की बारीकी से जांच की गई, लेकिन देर रात तक टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। उधर, इस घटना को लेकर जिले भर में हड़कंप मचा रहा। जिले की सीमाओं को सील कर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन युवकों का कोई सुराग नहीं लगा।

घटना का पता चलते ही एक्सपर्ट की टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान की दीवारों, दरवाजे और सामान से फिंगर प्रिंट लिए। इसके बाद एसपी समेत सभी अफसर घटना की जांच पड़ताल में जुटे रहे। नोएडा से एटीएस और मेरठ से एसटीएफ की टीम को बुला लिया गया। घंटों उन्होंने मकान को बंद कर जांच पड़ताल की। डीआईजी मुरादाबाद गुलाब सिंह भी मौके पर पहुंचे। डेढ़ घंटे तक उन्होंने घटना की जांच की। जांच में अब तक क्या पाया गया, किसी भी टीम ने इसका खुलासा नहीं किया है। सबने जांच को अभी तक गोपनीय रखा है। अफसर जरूर आपस में इस मामले पर बार बार डिस्कस कर रहे। देर शाम आईबी के आईजी भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गए हैं। सब कुछ मकान के अंदर गोपनीय तरीके से चल रहा है।

इस मामले को लेकर जिले भर में चर्चाओं का बाजार गरम है। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि कमरे से मिला विस्फोटक पदार्थ क्या है। युवकों ने कितने बम बना रखे थे? उधर फरार तीनों युवकों का कोई पता नहीं चला है। उनकी तलाश में पुलिस जगह-जगह छापामारी की जा रही है। युवक किस रास्ते से भागे, यह पता लगाने में पुलिस जुटी है। पुलिस को शक है कि युवकों ने कहीं और भी तो मकान किराए पर नहीं ले रखा या उनके साथी भी तो यहां नहीं रहते, जहां जाकर युवक छिप गए हों।

कहीं शहर में ही तो नहीं छिपे युवक
फरार युवकों के शहर में ही कहीं छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर जिले की सीमाएं सील हैं। ऐसे में बिजनौर क्षेत्र से युवकों के भागने की उम्मीद बहुत कम है। कयास लगाए जा रहे हैं कि युवक बिजनौर शहर में ही कहीं छिपे हुए हैं। छोटे से लेकर बड़े डाक्टर के यहां पुलिस नजर रखे हैं कि कोई झुलसा हुआ युवक उपचार कराने तो नहीं आया। चिकित्सकों से यह भी कहा गया है कि कोई उनके यहां इलाज कराने आए तो तुरंत पुलिस को बताया जाए।
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सहारनपुर से जोड़े जा रहे धमाके के तार

बिजनौर में हुए धमाके के तार सहारनपुर में पिछले दिनों पकड़े गए इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख से जोड़े जा रहे हैं। खुफिया टीमें भी दोपहर बाद बिजनौर रवाना हो गईं। वहां मौके पर मिली आपत्तिजनक वस्तुओं को देखा और तीनों युवकों की योजना का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी। जिस मात्रा में माचिस के बाक्स जमा किए गए थे। उससे माना जा रहा है कि तीनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

खुफिया सूत्रों के अनुसार कमरे में एक ढाई किलो का सिलेंडर मिला, जिसमें कुछ तार निकले थे। एक राड भी मिली, जिसमें कुछ बारूद जैसा भरा हुआ था। इसके अलावा काफी मात्रा में माचिस के बाक्से मिले। आरोपियों में से दो की आईडी थी और एक का आधार कार्ड। खुफिया विभाग ने उस बुजुर्ग महिला से भी पूछताछ की, जिसके मकान में तीनों रहने आए थे। तब महिला ने बताया कि तीनों ने नौकरी के सिलसिले में आने की बात कही थी। तीनों ने अपने हिंदू नाम बताए थे। जबकि मौके पर मिली दो आईडी दूसरे संप्रदाय की हैं। खुफिया विभाग पूरे मामले को एजाज शेख की गिरफ्तारी से जोड़ रहा है। बता दें कि एजाज शेख मुरादाबाद होते हुए ही सहारनपुर गया था। रास्ते में उसके बिजनौर में भी ठहरने की आशंका जताई जा रही है। धमाके के बाद तीनों युवक स्टोव फटने का हल्ला मचाकर भाग गए।

उधर, घटना के बाद बिजनौर के जाटान मोहल्ले में सनसनी फैल गई। पुलिस ने पूरे घर को सील कर दिया है। डीआईजी गुलाब सिंह ने बताया कि तीनों युवक जब तक नहीं पकड़े जाते, मंसूबों का पता लगाना मुश्किल है। सहारनपुर में पकड़ गए आतंकी से उनका कोई कनेक्शन है या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है।

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश पुलिस से संपर्क
तीनों युवकों के फरार होने के बाद मौके पर मिली आईडी की पड़ताल शुरू हो गई है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के उज्जैन और महाराष्ट्र के खंडवा व नादेरवाड़ पुलिस से संपर्क स्थापित किया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि तीनों की आईडी असली है या नहीं। तीनों अपने कपड़े व बाकी सामान मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। 9 एमएम की पिस्टल भी छोड़ गए। माना जा रहा है कि तीनों को आतंकी वारदातों के लिए भेजा गया था।
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