क्या शहीद खुदीराम बोस, जतिंद्र्रनाथ बोस और प्रफुल्ल चाकी जैसे स्वतंत्रता सेनानी आतंकवादी थे? पश्चिम बंगाल में आठवीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक में तो ऐसा ही लिखा है।
बांग्ला में छपी पुस्तक में क्रांतिकारी आतंकवाद नामक अध्याय में उक्त शहीदों की गतिविधियों को आतंकवाद और उग्रवाद करार दिया गया है।