अवैध ढंग से पटाखे बनाने के घंधे ने आतिशबाज हफीज (44) की जान ले ली। पटाखा बनाते समय हुए भीषण विस्फोट से उनके शरीर के चिथडे़ उड़ गए।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मकान की दीवारें दरक गईं। दीवारों से प्लास्टर ही नहीं दरवाजा तक उखड़ कर गिरा। हादसे के बाद परिवारीजनों और बस्ती के लोगों की मदद से आननफानन में शव को दफनाया दिया।
बाह के मई गांव में अब्दुल गफ्फार (46) और हफीज पटाखे बनाने का काम करते थे हालांकि उनके पास लाइसेंस नहीं था। बुधवार सुबह लगभग नौ बजे हफीज घर के बाहर ही ‘देसी बम‘ बना रहे थे। तभी अचानक वहां रखे बारूद में विस्फोट हो गया।