शहर में आरक्षित रेल टिकटों की कालाबाजारी का धंधा हाईटेक हो गया है। हाईस्पीड सर्वर से लैस साइबर कैफे से रेल टिकटों की बिक्री हो रही है। इस धंधे में आईआरसीटीसी का लाइसेंस रखने वाले एजेंट से लेकर बिना लाइसेंस वाले एजेंट दोनों शामिल हैं।
टिकट के लिए फर्जी आईडी का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। रेलवे अधिकारियों की तमाम बंदिशों और कार्रवाई के बाद भी इस पर रोकथाम नहीं लग पा रही है।
हाल में ही लहुराबीर और लंका इलाके में रेलवे और आईआरसीटीसी की विशेष टीम ने दो कैफे पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में फर्जी आईडी से बने आरक्षित टिकट बरामद किए थे। इन टिकटों को तत्काल कोटे में बुक किया गया था।
पूछताछ में पकड़े गए एजेंटों ने बताया था कि वे इसे मुंहमांगी कीमत पर बेचने वाले थे। आमतौर पर आईआरसीटीसी के एजेंटों का तत्काल कोटा आमजन से आधे घंटे बाद शुरू होता है।