संसद में घेरेबंदी से पहले यूपीए सरकार के खिलाफ भाजपा सड़क पर हल्ला बोलेगी। इस दौरान रिटेल में एफडीआई और महंगाई के साथ ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा जाएगा। इसके लिए भाजपा ने संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले 21 नवंबर को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
भाजपा पहले ही ऐलान कर चुकी है कि संसद सत्र के दौरान वह एनडीए समेत अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर रिटेल में एफडीआई के फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री आवास से लेकर कांग्रेस मुख्यालय और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास भ्रष्टाचार का अड्डा बन गये हैं।
यूपीए सरकार का संसद में अंक गणित और सड़क पर जनगणित बिगड़ चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व वाली यह सरकार घरेलू सिलेंडरों से लेकर रिटेल में एफडीआई जैसे जन विरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि जनता को यूपीए सरकार के कारनामों की याद दिलाने के लिए भाजपा ने सत्र से ठीक एक दिन पहले देशभर में सड़कों पर उतरने का फैसला किया है।
इस आंदोलन के दौरान वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को छोड़कर बाकी लगभग सभी बड़े नेता मैदान में उतरेंगे। सुषमा स्वराज स्पीकर की बुलाई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में रहेंगी। खास बात यह है कि कोलगेट मामले में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर मानसून सत्र को हंगामे की भेंट चढ़ाने वाली भाजपा अब इस मुद्दे पर पांव पीछे खींचती दिख रही है। भाजपा के एजेंडा में अब कोलगेट से ज्यादा रिटेल में एफडीआई का मामला प्रमुखता पा चुका है।
बहरहाल, इस आंदोलन के तहत पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी सीमांत प्रदेश अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में मोर्चा संभालेंगे, जबकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली मुंबई, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह व मुख्तार अब्बास नकवी दिल्ली, वैंकेया नायडू हैदराबाद और जेपी नड्डा रायपुर में प्रदर्शन की कमान संभालेंगे। नकवी ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास का भी घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा रॉबर्ट वाड्रा से लेकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की कंपनी को दिए कर्ज जैसे मामले भी संसद में उठाएगी।