प्याज के लगातार आसमान छूते दामों ने भाजपा को बड़ा चुनावी मुद्दा थमा दिया है। अब तक महंगाई और भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करती रही भाजपा अब पांचों राज्यों की चुनावी जंग में प्याज और आलू को बड़ा मुद्दा बनाने में जुट गई है।
इसी रणनीति के तहत भाजपा ने अब प्याज को लेकर केंद्र सरकार पर हमले तेज कर दिये हैं। प्याज और आलू प्रत्येक घर में सीधे किचन से जुड़े हैं और इनके बेलगाम दामों ने गृहणियों का बजट बिगाड़ दिया है।
आम लोगों की इस नाराजगी के मद्देनजर भाजपा ने प्याज को अब बड़ा चुनावी मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। खासतौर पर दिल्ली में भाजपा को कांग्रेस से 1998 के चुनाव का बदला लेने का मौका दिख रहा है।
उस समय दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता से बेदखल होने की एक बड़ी वजह प्याज के आसमान छूते दाम भी थे। इसलिए भाजपा दिल्ली समेत पांचों राज्यों में प्याज पर कांग्रेस को घेर रही है।
दिल्ली में भाजपा प्याज को लेकर केंद्र व राज्य सरकार दोनों को जिम्मेदार ठहरा रही है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि प्याज अब मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आंसू निकालेगा। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान व मिजोरम में भी भाजपा प्याज के बढ़े दामों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उछाल रही है।