नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद भाजपा अब उन पर लगे गुजरात दंगों के दाग को मिटाने में जुटेगी।
खासतौर से कांग्रेस के सांप्रदायिकता संबंधी आरोपों का जवाब देने के लिए पार्टी गुजरात से लेकर एनडीए शासित राज्यों के विकास और सुशासन की गाथा जनता तक पहुंचाएगी।
अल्पसंख्यकों के लिए तैयार हो रहे विजन डॉक्यूमेंट में भाजपा आजादी के बाद से देश भर में हुए दंगों का जिक्र कर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगी।
भाजपा यह भी बताएगी कि मात्र 8.50 फीसदी अल्पसंख्यक आबादी होने के बावजूद गुजरात पुलिस में 11 फीसदी जवान इसी बिरादरी से हैं।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार गुजरात के प्रत्येक थाने में कम से कम एक जवान अल्पसंख्यक समुदाय से है। देश में ऐसा करने वाला गुजरात अकेला राज्य है।
इस तरह की तमाम जानकारियां देकर भाजपा अल्पसंख्यक समुदाय को बताएगी कि सबसे ज्यादा दंगे तो कांग्रेस शासन में हुए हैं। इसके बावजूद वह सेक्युलर बनी हुई है और मोदी को बदनाम किया जा रहा है।
मोदी के लिए विकास के साथ ही सख्त प्रशासक होने के दावों को सच साबित करने के प्रमाण भी अल्पसंख्यकों को बताए जाएंगे।
भाजपा यह भी बताएगी कि एनडीए से लेकर अब पार्टी शासित प्रदेशों में अल्पसंख्यकों की राजनीतिक, आर्थिक व शैक्षिक तौर पर क्या स्थिति है। इसकी तुलना कांग्रेस शासित राज्यों से की जाएगी।
इस कवायद के पीछे भाजपा की रणनीति यह है कि अल्पसंख्यक भले ही भाजपा को वोट न दें लेकिन पार्टी को हराने के लिए एकजुट भी न हों।
भाजपा जानती है कि उसे अल्पसंख्यकों के वोट नहीं मिलेंगे लेकिन पार्टी चाहती है कि किसी दल विशेष के पक्ष में उनका ध्रुवीकरण रोका जाए।