कानून मंत्री अश्वनी कुमार के इस्तीफे के बाद भी भाजपा शांत नहीं हुई है। वह कोयला घोटाले पर प्रधानमंत्री मनमोहन के इस्तीफे के लिए अब देशभर में आंदोलन चलाने की तैयारी में है।
इसके लिए वह समूचे देश में आगामी 27 मई से 2 जून तक जेल भरो आंदोलन चला प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग करेगी। भाजपा ने यूपीए सरकार पर कोल घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बचाने का आरोप भी लगाया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को कहा कि हर कोई जानता है अश्वनी कुमार से इस्तीफा लेकर एक तरह से प्रधानमंत्री को बचाया गया है।
कुमार ने कोयला घोटाले में सीबीआई की रिपोर्ट में बदलाव कर प्रधानमंत्री को तो बचा ही लिया है। भले ही अब वह अपनी इस गलती पर इस्तीफा दे चुके हों लेकिन कोयला घोटाले में सबसे जरूरी है प्रधानमंत्री का इस्तीफा।
हुसैन ने कहा कि घोटाले के दौरान कोयला मंत्रालय का जिम्मा प्रधानमंत्री के पास था। इसलिए नैतिकता के आधार पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी उनके इस्तीफे के लिए देशभर में 27 मई से 2 जून तक जेल भरो आंदोलन चलाएगी। शहनवाज हुसैन ने कहा कि सत्ताधारी यूपीए ने हमेशा संसद को बाधित करने के लिए भाजपा पर आरोप लगाया, लेकिन यह कतई सही नहीं है।
अगर कांग्रेस भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व मंत्रियों पवन बंसल और अश्वनी कुमार से इस्तीफा ले लेती तो संसद चलने लगती। इस तरह संसद की कार्यवाही में बाधा कांग्रेस ने खड़ी की है न कि भाजपा ने।
उन्होंने कहा कि कोयला घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति बनाने की विपक्ष की मांग पर कांग्रेस ने देरी की। पहले तो पूरा सत्र बर्बाद किया और बाद में अगले सत्र में इसका गठन किया।
सीबीआई को स्वायत्तता देने के मसले पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के बयान पर हुसैन ने कहा कि आजकल कांग्रेस पार्टी ही नहीं कोई अन्य भी उनको महत्व नहीं दे रहा है। इसलिए वह सोशल साइट्स में अपना बयान दे रहे हैं।
पार्टी उपाध्यक्ष उमा भारती द्वारा लोकप्रियता और प्रधानमंत्री पद के संबंध में दिए गए बयान पर राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि उमा यह स्पष्ट करना चाहती थीं कि फिल्म सितारे भी लोकप्रिय होते हैं लेकिन इससे वह प्रधानमंत्री बनने के काबिल नहीं हो जाते।