भाजपा में जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ विद्रोह की आवाज बुलंद करने वाले यशवंत सिन्हा के खिलाफ भाजपा के ही एक वर्ग ने दिल्ली में पोस्टर लगाए हैं। इसमें सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाने के साथ ही कई सवाल भी उठाए गए हैं।
वैसे शीतकालीन सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को संसद परिसर में भाजपा के कई सदस्य सिन्हा से गर्मजोशी से हाथ मिलाते दिखे। सिन्हा ने सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले गडकरी से बतौर पार्टी अध्यक्ष इस्तीफा देने की मांग कर उनके खिलाफ खुली बगावत कर दी थी।
हालांकि तब भाजपा ने नाराजगी जताते हुए उनसे इस सार्वजनिक टिप्पणी पर पुनर्विचार करने को कहा था। बृहस्पतिवार को संसद पहुंचे सिन्हा ने इस मसले के साथ ही अपने खिलाफ लगे पोस्टरों को लेकर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि अनजान कार्यकर्ता के इस कृत्य पर वे बहस नहीं करेंगे।
भाजपा ने भी इस पोस्टर की निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने इसे शरारत बताते हुए कहा कि सिन्हा के खिलाफ पोस्टरबाजी की पार्टी कड़ी निंदा करती है। बहरहाल, इस पोस्टरबाजी से साफ हो गया है कि गडकरी के समर्थक भी अब खामोश बैठने वाले नहीं हैं, क्योंकि गडकरी समेत उनके समर्थकों को भी लगने लगा है कि उन्हें कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के लोग बदनाम करने में जुटे हैं। ऐसे में अब भाजपा की अंदरूनी राजनीति अभी और तेज होने की संभावना है।