भाजपा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के बाद अब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगया कि वीरभद्र ने अपने लाभ के लिए वेंचर एनर्जी एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की एक रद्द परियोजना को मंजूरी दी। इसके लिए उन्होंने रिश्वत ली है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दूर संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठे तथ्यों के सहारे भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है जबकि वह अपने मुख्यमंत्रियों पर लगे आरोपों पर चुप है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी में अगर नैतिकता बची है तो उन्हें रावत और वीरभद्र का तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।
इसे कांग्रेस शासित राज्यों को निशाना बनाकर खुद पर लगे आरोपों पर कांग्रेस को बैकफुट पर डालने की रणनीति माना जा रहा है। प्रसाद ने वीरभद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत होने की बात कही।
उन्होंने दावा किया कि रद्द परियोजना को मंजूरी देने के लिए वीरभद्र को करोड़ों रुपये की रिश्वत दी गई। उन्होंने सवाल किया कि अगर आरोप गलत हैं तो वीरभद्र के रिश्तेदारों और ओएसडी के शेयर उस कंपनी में क्यों हैं जिसकी परियोजना को नियमों को ताक पर रख कर मंजूरी दी गई।