लोकसभा चुनावों में भाजपा ने प्रचार आदि में 712 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए। पार्टी ने मोदी की तूफानी रैलियों, चाय पर चर्चा और 3डी कार्यक्रमों पर 460 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए, जबकि कांग्रेस ने पूरे चुनाव प्रचार पर 486.21 करोड़ खर्च किए।
चुनाव प्रचार में खर्च के मामले में लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तीसरे स्थान पर रही, उसने 64.48 करोड़ रुपए खर्च किए। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच राजनीतिक दलों के चंदे में 418 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि खर्च में 386 फीसदी की।
राष्ट्रीय पार्टी के आय-व्यय के अध्ययन के बाद एडीआर ने बताया कि 2004 में हुए लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय पार्टियों ने 223.80 करोड़ रुपए चंटा जुटाया था, जबकि 2009 में उन्होंने 854.89 करोड़ रुपए जुटाए। 2014 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों को 1,158.59 करोड़ रुपए का चंदा मिला।
एडीआर ने जिन दलों का अध्ययन किया है, उनमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, एनसीपी, सीपीआई और सीपीएम शामिल हैं।