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मोदी की 3D रैली के लिए खर्च हुए 60 करोड़

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इस बार के लोकसभा चुनावों में मोदी की शानदार जीत के पीछे उनके हाईटेक प्रचार का अहम रोल रहा। माना जा रहा है कि उन्होंने रणनीति के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में कई रैलियां संबोधित की।
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इनमें कुछ रैलियां 3डी होलोग्राफिक कैम्पेन के तहत भी हुई। जिसमें मोदी का संबोधन एक जगह हुआ लेकिन इस तकनीक के जरिए मोदी कई और जगहों पर रैली संबोधित करते दिखाई दिए।

मोदी के इस हाईटेक प्रचार ने कहीं ना कहीं उन्हें प्रधानमंत्री की गद्दी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्या आपको पता है कि इन चुनावों में मोदी ने कुल कितनी रैलियां की। खास तौर से उनके 3डी रैली में कितना खर्च आया।
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2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी की 3डी रैली में आए खर्च की जानकारी भाजपा ने दी है। भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के मुताबिक इस हाईटेक प्रचार में करीब 60 करोड़ के खर्च की बात कही गई है।

मोदी ने की थी 700 वर्चुअल रैलियां

नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान 700 वर्चुअल रैलियां की थी। इन रैलियों के लाइसेंस के लिए पार्टी को दो महीने में करीब 10 करोड़ रूपये भी चुकाने पड़े थे।

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव खर्च की जानकारी देते हुए चुनाव आयोग को बताया कि नरेंद्र मोदी ने मार्च और मई में इस तरह की 3डी रैली को संबोधित किया था।

जिसमें करीब 51.35 करोड़ की राशि खर्च हुई। इसमें लाइसेंस फीस शामिल नहीं है। वर्चुअल रैली के साथ-साथ संसदीय चुनाव में मोदी ने करीब 450 सामान्य रैलियां भी की थी।

ये कोई पहला मामला नहीं था जब मोदी ने इस तरह की हाईटेक प्रचार को तरजीह दी हो। इससे पहले उन्होंने 2012 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया था। उस समय भी मोदी ने 53 जगहों पर 3डी रैली से संबोधन किया था, जिसे पूरे प्रदेश के 25 शहरों में प्रदर्शित किया गया।

3डी रैलियों में खर्च हुए 60 करोड़

लोकसभा चुनाव के दौरान भी मोदी भले ही देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनाव प्रचार करते रहे हों लेकिन वो रात में गुजरात वापस जरूर लौट जाते थे। दिन भर चुनाव प्रचार के बाद उनके गुजरात वापस लौटने को भी उनकी खास रणनीति का हिस्सा ही माना जा रहा है।

फिलहाल 3डी रैली के जरिए हाईटेक अंदाज में मोदी के चुनाव प्रचार के खर्च के जुड़ने के बाद अब इन चुनावों में हुआ खर्च करीब 487 करोड़ तक पहुंच गया है।

इससे पहले पार्टी की ओर से बताया गया था कि इन चुनावों प्रचार के लिए 304 करोड़ रूपये खर्च हुए थे। जिसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ केबल, न्यूज पोर्टल और एसएमएस भी शामिल है।

खर्च का ये ब्यौरा सामने आने के बाद माना जा रहा है कि देश में पहली बार किसी नेता के लिए मीडिया में इतने बड़े स्तर पर चुनाव प्रचार किया गया है।

मोदी ने की करीब 3 लाख किमी. की यात्रा

लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने देशभर में करीब 3 लाख किमी. की यात्रा की। मोदी के साथ-साथ पार्टी के दूसरे स्टार प्रचारकों ने भी जमकर प्रचार किया।

मोदी समेत पार्टी स्टार प्रचारकों के आने-जाने के खर्च की तुलना की जाए तो करीब 78 करोड़ के खर्च का अनुमान है। इनमें दूसरे नेताओं पर खर्च करीब 11 करोड़ का है।

मोदी के प्रचार के अंदाज में केवल 3डी वर्चुअल रैली को ही शामिल नहीं किया गया। इसके साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में एलईडी रथ भी बनाए गए। जिसके जरिए प्रचार किया गया।

पार्टी की ओर से मुहैया कराई जानकारी के मुताबिक मार्च और मई में इस तरह के कार्यक्रमों में कुल 19 करोड़ का खर्च आया। जिसमें इंश्योरेंस और जेनरेटर का खर्च भी शामिल है।
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हाईटेक प्रचार से मोदी बने प्रधानमंत्री!

भाजपा की ओर से किए गए हाईटेक प्रचार में उन लाखों कैडरों का भी महत्वपूर्ण रोल रहा जिन्हें इसकी पूरी जानकारी थी। पार्टी ने इसके लिए अलग-अलग प्रदेशों में खास कॉल सेंटर भी बनाए थे।

पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक करीब 18 कॉल सेंटर बनाए गए थे। जिसमें करीब साढ़े आठ करोड़ के खर्च की बात कही गई है।

इसके साथ-साथ पार्टी ने अपने कैडरों के लिए आयोजित कार्यक्रमों और सर्वे को लेकर करीब 6 लाख रूपये खर्च किए गए। ये चुनावी खर्च मार्च से मई के बीच का है।

फिलहाल ये पहली बार है जब किसी नेता के लिए इतने बड़े पैमाने पर चुनाव प्रचार किया गया है। जो अपने-आप में एक रिकॉर्ड भी है।
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