लोकसभा चुनाव के बाद चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में दमदार प्रदर्शन करने के बाद भाजपा ने बिहार के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में बिहार इकाई की कोरग्रुप की बैठक में इसी साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए मिशन 185 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शाह ने राज्य इकाई के नेताओं को सूबे में हर हाल में 75 लाख सदस्य बनाने का निर्देश दिया है।
सदस्यता अभियान में तेजी लाने के लिए शाह खुद 23 और 24 जनवरी को बिहार दौरे पर होंगे। पूरी तरह से चुनावी मोड़ में आने के लिए पार्टी ने सूबे की राजधानी पटना में 14 अप्रैल को बड़ी रैली करने की योजना बनाई है। इस रैली को शाह भी संबोधित करेंगे। बैठक में जनता परिवार में विलय की कोशिशों और खास कर जदयू-राजद में विलय के बाद की स्थिति पर भी गंभीर मंथन हुआ।
इस दौरान बैठक में उपस्थित संगठन सह महासचिव सौदान सिंह, राज्य के प्रभारी भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूडी, रामकृपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी भावी रणनीति पर अपनी अपनी राय पेश की। बैठक में खासतौर पर जदयू-राजद विलय की स्थिति में जातिगत समीकरण साधने पर चर्चा हुई।