भाजपा नेताओं को लगता है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी पर हमला बोलकर लोकसभा चुनावों से पहले उनके अभियान को मजबूती दी है। पार्टी का मानना है कि इसकी वजह से उसके पीएम पद के दावेदार एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं।
मोदी का अभियान हालिया वक्त में आम आदमी पार्टी ने ढंक दिया था, जिसने दिल्ली के विधानसभा चुनावों में धमाकेदार प्रदर्शन कर पूरे देश की निगाह अपनी तरफ खींच ली।
शुक्रवार को मनमोहन सिंह ने कहा था, "अगर मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह देश के लिए विनाशकारी होगा। गुजरात के मुख्यमंत्री तब पद पर बैठे थे, जब अहमदाबाद की गलियों में मासूमों का खून बहाया जा रहा था।"
कांग्रेस का नुकसान करेगा PM का बयान
भाजपा नेताओं का कहना है कि गुजरात की अदालत ने साफ कर दिया है कि 2002 के साम्प्रदायिक दंगों में मोदी की कोई भूमिका नहीं थी, ऐसे में मनमोहन सिंह का यह हमला आगामी दिनों में कांग्रेस के ही खिलाफ जाएगा।
एचटी के मुताबिक एक भाजपा नेता ने कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगियों को ऐसा लग सकता है कि मोदी पर प्रधानमंत्री के हमले से उनके वोट बेस में मजबूती आएगी। लेकिन इस मुद्दे को दोबारा उठाना उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में उल्टा साबित हो सकता है, जहां मोदी कई सीटों पर जीत की उम्मीद बांध रहे हैं।"
इन नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह बयान देकर अनजाने में मोदी और भाजपा को फायदे की स्थिति में ला दिया है।
गोधरा भूली कांग्रेस को फिर दंगे याद आए!
भाजपा के एक नेता का कहना है कि साल 2012 में गुजरात में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने अपने नेताओं को मोदी के जाल में न फंसने का आदेश दिया था। कांग्रेस के घोषणापत्र और मोदी के खिलाफ पार्टी की 34 पन्नों की चार्जशीट में गोधरा एक भी बार नहीं आया।
भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना का मतलब यह है कि कांग्रेस को अब इस मुद्दे पर बने रहना होगा, जो मोदी और उसके पक्ष में है।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, "जो कुछ 2002 में हुआ, वह दुख देने वाला है। लेकिन जब एसआईटी और कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है, तो ऐसे में मनमोहन सिंह का यह बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसकी निंदा करता हूं।"
मौत का सौदागर कहा, तो नुकसान हुआ!
क्या मनमोहन सिंह का बयान भाजपा की संभावनाओं पर चोट करेगा, पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि गुजरात में 2007 चुनावों के दौरान सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर तक कह दिया था, लेकिन इससे भाजपा को कोई नुकसान नहीं हुआ।
जेटली के मुताबिक ऐसा ही कुछ होने की उम्मीद है। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों की आलोचना की। उन्होंने कहा, "यह पीएम पद की गरिमा के लिए सही नहीं है...अगर कांग्रेस का डर्टी ट्रिक्स विभाग इस तरह के शब्दों का चयन करता, तो समझ में आता।"
जेटली ने कहा कि मोदी अच्छे पीएम साबित होंगे और गुजरात के मुख्यमंत्री पुलिस, सुप्रीम कोर्ट और जांच से गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा, "अगर पीएम यह कहकर बचाव करते हैं कि यूपीए1 के तहत हुए भ्रष्टाचार के बाद वह 2009 का चुनाव जीत चुके हैं, तो मैं कहूंगा कि मोदी भी 2002 के दंगों के बाद से तीन चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं।"