कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को मनाने की अंतिम कोशिश भी नाकाम रही। भाजपा नेता अरुण जेटली ने शनिवार को बेंगलूर में येदियुरप्पा से मुलाकात की। जेटली ने उन्हें पार्टी छोड़ने के फैसले पर पुनः विचार करने को कहा। लेकिन येदियुरप्पा ने किसी भी सुलह से इनकार कर दिया। येदियुरप्पा नौ दिसंबर को नई पार्टी बनाने के अपने फैसले पर अड़े हैं।
पिछले साल मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटने को बाध्य किए गए येदियुरप्पा ने भाजपा के साथ बातचीत के सभी दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वह पिछले एक साल में भाजपा से बहुत दूर जा चुके है और नई क्षेत्रीय पार्टी बनाने की उनकी योजना में कोई बदलाव नहीं आया है। वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के जन्मदिन पर बेंगलूर से लगभग 350 किलोमीटर दूर हावेरी में एक रैली में नई पार्टी का ऐलान करने वाले हैं।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात भाजपा नेता अरुण जेटली ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक नेता के आवास पर पर येदियुरप्पा से मुलाकात की। जेटली ने येदियुरप्पा से पार्टी को अलविदा कहने के फैसले पर फिर से विचार करने के लिए कहा और उन्हें मनाने का प्रयास किया। गौरतलब है कि जेटली पहले से ही येदियुरप्पा को मनाने में लगे हैं।