भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेस के सीनियर नेता शकील अहमद को भाजपा की कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है। अहमद ने आडवाणी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्हें हिंदुओं की मदद करने के लिए पाकिस्तान में रह जाना चाहिए था। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए भाजपा ने कहा कि अहमद ने मर्यादा की सभी हदें लांघ दी हैं। भाजपा यह भी जानना चाहती है कि क्या यह कांग्रेस पार्टी की सोच है।
भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद खान द्वारा लालकृष्ण आडवाणी पर की गई टिप्पणी न सिर्फ बेहद निंदनीय है बल्कि सभी तरह की राजनीतिक मानकों का उल्लंघन भी है। भाजपा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछना चाहती है कि क्या यह उनकी पार्टी की विचारधारा है। भाजपा ने कहा कि बंटवारा एक दुखद घटना थी, जिसमें लाखों लोगों को अपनी जड़ों से अलग होना पड़ा। इसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल भी शामिल हैं।
प्रसाद ने कहा कि आडवाणी भी इसी तरह भारत आए। पाकिस्तान से भारत आए कई वरिष्ठ पत्रकार, जनरल और बिजनेसमैन बने। कांग्रेस प्रवक्ता आखिर क्या कहना चाहते हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस को उन्हें नियंत्रित करना चाहिए। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रसाद ने कहा कि पार्टी का अभी भी यही मानना है कि विश्व में कहीं भी हिंदुओं के मानवाधिकार का मामला सामने आएगा, तो भारत को उसे उठाना चाहिए। पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत काफी खराब है। शकील अहमद ने जो टिप्पणी की है, वह आधारहीन है और मर्यादा को लांघती है। हम इसकी निंदा करते हैं।