झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से निपटने के बाद भाजपा मिशन पंजाब में जुट जाएगी। पंजाब में युवाओं में बढ़ती नशाखोरी और निर्बाध ढंग से लगातार बढ़ती जा रही ड्रग्स की तस्करी से आहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पार्टी को इसके खिलाफ अभियान चलाने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
दरअसल प्रधानमंत्री पहले भी नशाखोरी के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। इस बीच, अमेरिका दौरे में भी सिख संगठनों ने प्रधानमंत्री से मिल कर पंजाब में नशाखोरी की स्थिति पर चिंता और नाराजगी जाहिर करते हुए बीते लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की जानकारी दी थी।
इस बीच, नशे के कारोबार पर ढेरों शिकायतें मिलने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी इस दिशा में सक्रिय हुआ है। पार्टी की योजना अपने इस अभियान में डेरा सच्चा सौदा सहित अन्य सामाजिक संगठनों को जोड़ कर बड़ा अभियान छेड़ कर सूबे में आम आदमी पार्टी के असर को कम करने और अपने दम पर खड़ा होने की है।
ड्रग्स तस्करी को हल्के में लेने के आरोपों से जूझ रही शिरोमणि अकाली दल का इस मामले में भाजपा से टकराव तय माना जा रहा है।