महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के बीच दिल्ली विधानसभा चुनावों की आहट ने न सिर्फ सियासी गर्मी को बढ़ाया है बल्कि इस बीच नेताओं के बोल और भी ज्यादा तीखे हो गए हैं। केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा के कुछ नेता और मंत्रियों ने इस साल कुछ ऐसे बयान दिए हैं जिन्हें किसी भी लिहाज से मर्यादित नहीं कहा जा सकता है। हद तो यह हो गई कि हाल ही में केंद्रीय सरकार में मंत्री बनाए गए दो मंत्रियों ने भी मर्यादा की सारी सीमाएं लांघी हैं। तो जरा जानिए भाजपा के किन किन मंत्रियों और नेताओं ने अपनी जुबान से अमर्यादित शब्दों की बौछार की है।
साध्वी की जुबान से निकले अमर्यादित बोल
विरोध और खिलाफत की भी एक शालीन भाषा होती है लेकिन शायद इस बात को भाजपा के नेता और मंत्री भूल चुके हैं। पश्चिमी दिल्ली के श्याम नगर में एक रैली को संबोधित करते हुए यूपी के फतेहपुर से भाजपा सांसद ने शालीनता की सारी हदें लांघते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा, 'आपको तय करना है कि दिल्ली में रामजादों की सरकार बनेगी या हरामजादों की। यह आपका फैसला है।'
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा को भी नहीं बख्शा उन्होंने कहा, 'जिस साधारण परिवार में बर्तनों की दुकान रखने वाला उसका बेटा, सोनिया गांधी का दामाद, अरब-खरबपति कैसे हो गया? गरीबों को लूटा है गरीबों को चूसा है। मोदी जी कहते रहे हैं न खाएंगे न खाने देंगे।'
गिरिराज सिंह भी भूले मर्यादा
मोदी सरकार में राज्य मंत्री गिरिराज सिंह की जुबान भी इस बार कुछ ज्यादा ही फिसली। इससे पहले भी लोकसभा चुनावों के दौरान वो काफी कुछ बोल चुके हैं। इस बार गिरिराज ने आप नेता अरविंद केजरीवाल को अपना निशाना बनाया है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक को मायावी राक्षस तक बता डाला। उन्होंने कहा, ‘‘वह रामायण के मायावी राक्षस मारीच की तरह हैं। वह एक ऐसा बहुरूपिया है जिसने अन्ना हजारे जैसे संत को धोखा दिया।’’
गौरतलब है कि साल 2014 में संपन्न हुआ आम चुनावों में गिरिराज सिंह ने यह तक कह डाला था कि मोदी विरोधियों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। गिरिराज सिंह के मोदी विरोधी पाकिस्तान जाएं वाले बयान पर खूब हंगामा भी हुआ था।
यशवंत सिन्हा की भी फिसल चुकी है जुबान
ऐसा नहीं है कि भाजपा के सिर्फ अनुभवहीन नेताओं की ही जुबान फिसल रही है। इससे पहले भाजपा के एक सीनियर नेता यशवंत सिन्हा भी इसी तरह का अमर्यादित बयान दे चुके हैं।
झारखंड की राजधानी रांची में एक सभा के दौरान तो उन्होंन गाली ही दे डाली। जब उनसे पूछा गया कि प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कोई भी चू*** मुख्यमंत्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि मैं यहां कुछ भी नहीं हूं।
गौरतलब है कि यशवंत सिन्हा ने मोदी का प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी का भी विरोध किया था। झारखंड में मुख्यमंत्री पद के अहम दावेदार माने जा रहे सिन्हा को मोदी ने लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया था। हालांकि उनके बेटे को उनकी जगह टिकट जरूर मिला था और उन्हें हाल ही के केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में वित्त राज्य मंत्री का पद भी मिला है।