उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ के टप्पल में पांच दिन पहले रसूखदार हिस्ट्रीशीटर रहे भाजपा नेता ज्ञानचंद्र उर्फ ज्ञानी की हत्या के पीछे बसपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी का नाम मुख्य षड्यंत्रकर्ता के रूप में सामने आया है।
इस खुलासे के बाद क्षेत्र की राजनीति में अचानक सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पांच दिन पहले टप्पल थाने से अपने गांव जहानगढ़ लौट रहे ज्ञानी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
इसमें कार में ही बैठा जावेद सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में साक्ष्यों के आधार पर मामला खुलता गया।
रविवार को एसएसपी मोहित गुप्ता ने इस हत्या में जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी का हाथ होने की पुष्टि की है।
ज्ञानी की पत्नी वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं और ज्ञानी टप्पल सहकारी समिति का अध्यक्ष थे।
हत्या के षड्यंत्र की वजह अगले वर्ष होने वाले जिला पंचायत सदस्य का चुनाव बताया गया है क्योंकि चुनाव में ज्ञानी ने सुधीर चौधरी के सामने उतरने का ऐलान कर दिया था और माना जा रहा था कि वह कड़ी चुनौती प्रस्तुत कर सकता था।
एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि फरार चल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।