राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने रविवार को पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पवन कुमार बंसल के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में उनका पूरा कुनबा ‘पोस्टिंग का उद्योग’ चला रहा था। एक तरह से यूं कहें कि चंडीगढ़ से पद बेचे जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि मामले का पर्दाफाश होने पर बंसल इससे पल्ला झाड़ने लगे और हद तो तब हो गई जब जिन्हें मुख्य आरोपी बनाया जाना चाहिए था, उन्हें ही गवाह बना दिया गया। लेकिन, सीबीआई यह नहीं भूले कि केंद्र की सरकार कभी नहीं बदलेगी।
जेटली सेक्टर-37 के भाजपा (पंजाब) कार्यालय में कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
देश की राजनीतिक दशा तय करेगी चंडीगढ़ सीट
जेटली ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि नैतिकता और अनैतिकता के बीच धर्मयुद्ध को आगे बढ़ाने वाले चुनाव होंगे।
चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने अपने खिलाफ चुनाव लड़ने का एजेंडा स्वयं दे दिया है। इसलिए चंडीगढ़ लोकसभा महज एक सीट नहीं, बल्कि यह देश की राजनीतिक दशा तय करने वाली है।
यह चंडीगढ़ में लोगों के आत्मसम्मान का मामला है। स्थानीय सांसद के भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने से चंडीगढ़ वासियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है और चंडीगढ़ वासियों को अपने आत्मसम्मान की रक्षा खुद करनी होगी।
भ्रष्टाचारियों को बचाने में जुटी है कांग्रेस
देश के हालात पर जेटली ने कहा कि यूपीए की केंद्र सरकार केवल सीबीआई के माध्यम से भ्रष्टाचारियों को बचाने और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का काम कर रही है। देश की न्याय व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन यह तय है कि न्याय व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को एक दिन कटघरे में जरूर आना पड़ेगा।
मोदी को बताया सबसे लोकप्रिय नेता
नरेंद्र मोदी पर जेटली ने कहा कि सभी ओपिनियन पोल में मोदी की लोकप्रियता सबसे ऊपर है, लेकिन कांग्रेस के पास कोई नेता ही नहीं है। इसलिए कांग्रेस बिना नेता की घोषणा किए ही चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। किसी भी ओपिनियन पोल में कांग्रेस के किसी नेता को लोगों ने स्वीकार नहीं किया है।