भारतीय जनता पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद और देश के मशहूर वकील राम जेठमलानी को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित करते हुए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। भाजपा ने जेठमलानी से 10 दिन में जवाब मांगा है। साथ ही पार्टी ने उनसे पूछा, 'क्यों ना आपको पार्टी से निकाल दिया जाए।' यह नोटिस भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद जारी किया गया।
जेठमलानी बीते कई दिनों से राजनीतिक मसलों पर पार्टी लाइन के विरुद्ध जा रहे थे। साथ ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा खोलते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर डाली थी, लेकिन रविवार को जेठमलानी ने यह कह कर आग में घी डाला कि पार्टी में मुझे निकालने की हिम्मत नहीं है। अंतत: पार्टी को बताना पड़ा कि जेठमलानी कितने ही वरिष्ठ हों, पार्टी से बड़े नहीं हैं। पार्टी ने जेठमलानी के बयानों को ‘अनुशासनहीनता’ बताया।
पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जेठमलानी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और सुषमा स्वराज द्वारा प्रधानमंत्री को सीबीआई निदेशक की नियुक्ति के विरोध में लिखे गए पत्र की मुखालफत की और निदेशक की नियुक्ति पर सरकार की प्रशंसा की। शहनवाज ने कहा, ‘यह अनुशासनहीनता है। जेठमलानी की टिप्पणियां कांग्रेस को मदद करने वाली थीं।’
हुसैन ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी संविधान की धारा 25 का उपयोग करते हुए जेठमलानी को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। अब पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी में है। उनके खिलाफ पार्टी ने संसदीय दल को सिफारिश भेज दी है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने इस निलंबन को भाजपा का अंदरूनी मामला करार दिया।
जेठमलानी ने कहा था
पार्टी में बहुत से लोग मेरी बातों से सहमत हैं, लेकिन खुल कर बोलने की हिम्मत सबमें नहीं होती। मैं बहुत छोटा व्यक्ति हूं। यदि मेरे खिलाफ कोई कदम उठाया जाता है तो उसका स्वागत करूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि किसी में मेरे खिलाफ कदम उठाने की हिम्मत है।
यूं बढ़ाई भाजपा की मुश्किलें
- जेठमलानी ने भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ खोला मोर्चा, सार्वजनिक रूप से इस्तीफा मांगा।
- पीएम पद के लिए किया नरेंद्र मोदी का समर्थन, इससे संदेश गया कि पार्टी में पीएम मुद्दे पर विवाद है।
- जेठमलानी भगवान राम को बुरा पति बताकर पार्टी की विचारधारा के खिलाफ गए।
- सीबीआई के निदेशक पद पर रंजीत सिन्हा की नव-नियुक्ति का स्वागत, भाजपा ने किया विरोध।
जसवंत, यशवंत, शत्रुघ्न के लिए चेतावनी
- जेठमलानी के खिलाफ कार्रवाई करके भाजपा हाईकमान ने अन्य कद्दावार नेताओं जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा को साफ संकेत दिए हैं कि उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से नितिन गडकरी या पार्टी फैसलों की आलोचना को ज्यादा सहन नहीं किया जाएगा। जेठमलानी लगातार दावा करते रहे हैं कि पार्टी के भीतर उनकी लड़ाई में तीनों नेता उनके साथ हैं। ये नेता समय-समय पर जेठमलानी की बातों के पक्ष में बयान देने के साथ भ्रष्टाचार विरोधी मुद्दे पर गडकरी का इस्तीफा मांग चुके हैं।