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नमो लहर के साथ-साथ अब 'जातनीति' में जुटी भाजपा

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भाजपा एक तरफ नमो लहर के सहारे वाराणसी संसदीय सीट पर भारी जीत का दावा कर रही है, वहीं जातीय आधार पर वोटों के गुणा-गणित में भी जुटी हुई है।
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साथ ही मुस्लिम मतों में भी सेंधमारी की जोरदार कवायद की जा रही है। जातीय समीकरण साधने के लिए पार्टी ने रणनीति के तहत हर जाति के स्थानीय और बाहरी चेहरों को चुनावी कुरुक्षेत्र में उतार रखा है।

भाजपा का सोशल इंजीनियरिंग पर पूरा फोकस

चुनाव प्रबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि वाराणसी और आसपास की सीटों पर पिछले तीन दशक से हर चुनाव में जातीय समीकरण हावी रहे हैं।

इसके आगे विकास और बेहतरी के दावे भी असर नहीं कर पाते। इसलिए भाजपा का पूरा ध्यान इस ओर भी है कि सभी जातियों के मतदाताओं को अपने पक्ष में किया जाए। जैसे-जैसे मतदान की तिथि करीब आती जा रही है, सोशल इंजीनियरिंग पर पूरा फोकस किया जा रहा है।

इसी रणनीति के तहत पार्टी ने अपना दल के साथ गठबंधन किया, ताकि रोहनिया और सेवापुरी के पटेल मतदाताओं को जोड़ा जा सके। इसके लिए अपना दल की राष्ट्रीय महासचिव और रोहनिया विधायक अनुप्रिया पटेल को मिर्जापुर संसदीय सीट से लड़ाने का फैसला किया गया।

इन्हें दी गई मतदाताओं को रिझाने की जिम्मेदारी

हालांकि इसके चलते वहां से टिकट की दावेदारी कर रहे प्रदेश के पूर्व काबीना मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पुत्र अनुराग सिंह ने नाराज होकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और ओमप्रकाश सिंह भी इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।

वहीं, भूमिहार मतदाताओं को रिझाने के लिए कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर समेत हाल ही में कांग्रेस छोड़ पार्टी में शामिल हुए डॉ. अवधेश सिंह, संजय राय जैसे लोगों को लगाया गया है। इनका पूरा ध्यान सेवापुरी विधानसभा के गांवों में रहने वाले भूमिहार मतदाताओं पर है।

चौरसिया समाज के लोगों को पक्ष में करने के लिए पार्टी के सह प्रदेश प्रभारी रामेश्वर चौरसिया ने मंगलवार को ही पान दरीबा इलाके में लोगों से जनसंपर्क किया।

ब्राह्मणों को लुभाने के लिए होर्डिंग्स पर अटल की तस्वीर

वहीं, ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर होर्डिंग्स पर प्रमुखता से आगे की गई है। इसके अलावा स्थानीय चेहरों को भी पार्टी ने सामने कर रखा है।

वैश्य मतदाताओं के लिए तो कई नामों की लंबी-चौड़ी फेहरिश्त है जो अपनी जाति के मतदाताओं से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। इनके साथ ही यादव, दलित, कायस्थ समेत अन्य जातियों के लिए भी पार्टी ने पूरी तैयारी कर रखी है।

मुस्लिम मतदाताओं में पैठ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अल्पसंख्यक मोर्चा के विभिन्न प्रदेशों के नेताओं समेत गुजरात हज कमेटी के चेयरमैन तक को मुस्लिम बस्तियों में लगाया गया। गुजरात से बड़ी संख्या में आए मुस्लिम समुदाय के लोग शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनकर बहुल इलाकों में जनसंपर्क कर रहे हैं।
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मतदाताओं की जातिवार संख्या (अनुमानित)

वैश्य ----- 3.25 लाख
ब्राह्मण ----- 2.50 लाख
मुस्लिम ----- तीन लाख
भूमिहार ----- 1.25 लाख
राजपूत ----- एक लाख
यादव ----- 1.50 लाख
पटेल ----- दो लाख
चौरसिया ----- 80 हजार
दलित ----- 80 हजार
अन्य पिछड़ी जातियां ----- 70 हजार
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