जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने ‘लव जेहाद’ के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। कहा, भाजपा लव जेहाद के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है। जबकि भाजपा में ही ‘लव जेहादियों’ की लंबी फेहरिस्त है।
दरअसल जिन मुद्दों पर चुनाव जीता, उनसे ध्यान हटाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दी जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जाति व्यवस्था के खिलाफ जंग छेड़ने का आह्वान भी किया।
शरद यादव रविवार को जदयू के प्रदेश कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सुब्रह्मण्यम स्वामी, सुशील कुमार मोदी, मुख्तार अब्बास नकवी और शहनवाज हुसैन आदि तमाम नेता हैं, जिन्होंने दूसरे मजहब की महिलाओं से शादी की है।
उन्होंने दूसरी जाति और दूसरे धर्म में शादी करने वालों को सजा देने के बजाय प्रोत्साहन देने की बात कही। कहा, संविधान में भी वयस्क स्त्री-पुरुष को अपनी मर्जी से शादी की पूरी आजादी दी गई है। जाति व्यवस्था गरीबों को गुमराह करने के लिए बनाई गई है।
परखने को तीन माह काफी
शरद यादव ने कहा कि केंद्र में एनडीए की सरकार को तीन महीने हो चुके हैं। परखने के लिए इतना समय काफी होता है। विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने, महंगाई, बेरोजगारी कम करने और गरीबों का जीवन स्तर उठाने आदि मुद्दों पर यह गठबंधन सत्ता में आया। मगर इन्हीं मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लोगों को धार्मिक स्थलों पर माइक लगवाने के नाम पर लड़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां जाति व्यवस्था ने कोढ़ का रूप धारण कर लिया है। सच्चाई तो यह है, अगर मैं अहीर नहीं होता तो चालीस साल से संसद में नहीं होता। आज समाजवादी जयप्रकाश नारायण जीवित होते तो चुनाव लड़ने के लिए अपने लिए सीट नहीं ढूंढ पाते।