भाजपा और संसदीय लोकलेखा समिति (पीएसी) के चेयरमैन डा. मुरली मनोहर जोशी कैग के टूजी मामले पर पूर्व ऑडिटर उसके पूर्व डीजी आरपी सिंह के आरोपों को खारिज कर दिया है। जोशी की तरफदारी में उतरी भाजपा ने कहा है कि पीएसी की बैठकों में खामोश रहने वाले सिंह को बताना चाहिए कि यूपीए सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट के बाद अब किस असरदार पद पर नियुक्ति का आश्वासन दिया है।
डा. जोशी ने सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पीएसी और कैग को बदनाम करने की साजिश तथा कैग पर लगाम देने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें सरकार समेत अन्य लोगों के हित जुड़े हैं। संसद में उठे मुद्दों से ध्यान बटाने के लिए कांग्रेस और सरकार इस मौके पर आरपी सिंह को ढाल बना रही है। उन्होंने कहा कि दूर संचार मंत्रालय की ऑडिट के बाद ही पीएसी की रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें सभी पहलुओं को शामिल किया गया था।
जोशी ने सिंह ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि पीएसी की बैठकों में कभी भी ऐसा कुछ नहीं कहने वाले सिंह अब रिटारमेंट के बाद ऐसा कह रहे हैं। जोशी ने कहा कि सिंह ने रिटायरमेंट के तुरंत बाद भी ऐसे ही कई सवाल उठाए थे, लेकिन जब जेपीसी ने उनसे इस बारे में पूछा तो वे ऐसा साक्षात्कार देने की बात से ही मुकर गये।
इधर,भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि सिंह को रिटायरमेंट के बाद किस पद पर नियुक्त का आश्वासन दिया गया है।लगता है कि सिंह किसी दबाव में काम कर रहे हैं, क्योंकि पीएसी की बैठकों में उन्होंने कभी भी ये मुद्दे नहीं उठाए। यूपीए सरकार अपने लगे आरोपों को धोने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है।
खुलासे से भाजपा की पोल खुली: सोनिया
सीएजी रिपोर्ट पर पूर्व डीजी आरपी सिंह के आरोपों के बाद यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से जब पूछा गया कि क्या इस खुलासे से बीजेपी की पोल खुल गई है तो उन्होंने कहा कि हां, मुझे भी ऐसा ही लगता है। बहरहाल सीएजी के भीतर से उठे सवालों ने कांग्रेस को बीजेपी पर हमला करने का मौका दे दिया है।