भाजपा ने सांप्रदायिक सद्भाव खराब करने के आरोप में आंध्र प्रदेश की पार्टी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम) को आतंकी संगठन घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस दल की मान्यता रद्द करने का भी आग्रह किया है। भाजपा ने इस संबंध में गृह मंत्रालय से भी हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इस मामले में कांग्रेस को भी कटघरे में खड़ा करते हुए भाजपा ने कहा कि उसे देशवासियों को जवाब देना चाहिए कि वह एमआईएम के बयान से सहमत है कि नहीं। यदि सहमत नहीं है तो एमआईएम के खिलाफ क्या कार्रवाई की। कांग्रेस को इसलिए भी जवाब देना होगा क्योंकि एमआईएम केंद्र व राज्य स्तर पर कांग्रेस की पुराना सहयोगी है।
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने एमआईएम को लेकर कहा कि इस पार्टी का इतिहास शुरू से ही सांप्रदायिकता से भरा पड़ा है। इसके बावजूद धर्म निरपेक्षता का ढिंढोरा पीटने वाली कांग्रेस ने उसे केंद्र व राज्य स्तर पर अपना प्रमुख सहयोगी बनाया है।
सांप्रदायिक बयान देने वाले एमआईएम नेता के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए नकवी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने खानापूर्ति के लिए एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री आरोपी को बचाते दिख रहे हैं।
कांग्रेस भी सख्त कार्रवाई के पक्ष में
अकबरुद्दीन ओवैसी के ‘भड़काऊ भाषण’ वाले मामले को तूल पकड़ता देख कांग्रेस ने कहा है कि इस तरह की राजनीति के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है।
अगर कोई व्यक्ति, चाहे वह नेता हो या फिर आम आदमी, देश को बांटने का काम करता है और भड़काने की राजनीति अपनाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। मुझे यकीन है कि आंध्र प्रदेश सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी।