दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अंबेडकर की विरासत पर कब्जा करने की भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत तेज हो गई है। इसकी वजह उत्तर प्रदेश में 2017 और बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव को माना जा रहा है।
दलितों को लुभाने के प्रयास के तहत केंद्र सरकार ने अंबेडकर की 125वीं जयंती को बड़ी धूमधाम से मनाने का फैसला लिया है। इसके लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है जोकि विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंबेडकर की जयंती मनाने और उनके विचारों के प्रचार प्रसार के वास्ते विभिन्न कार्यक्रम करने के लिए सुझाव देगी।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी जोरशोर से तैयारी में लगी हुई है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल ने शनिवार को इस संबंध में बैठक भी की। राहुल खुद 2 जून को अंबेडकर की जन्म स्थली मध्य प्रदेश के महू में जाकर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।