भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करते हुए कांग्रेस की मान्यता रद्द करने और उसका चुनाव चिन्ह जब्त करने की मांग की है।
भाजपा ने राहुल गांधी पर वोट के लिए लोगों को धर्म व संप्रदाय के आधार पर बांटने और उनमें नफरत पैदा करने का आरोप लगाते हुए इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में पार्टी के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत से मुलाकात कर कांग्रेस की मान्यता समाप्त करने और उसका चुनाव चिह्र जब्त करने की मांग की।
बाद में नकवी ने पत्रकरों को बताया कि उन्होंने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश और राजस्थान की रैलियों में की गई टिप्पणियों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। राहुल ने वोटों के लिए विभिन्न संप्रदायों को भड़काने और उन्हें बांटने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा घृणा और नफरत की राजनीति कर रही है। राहुल ने सोच समझ कर भाजपा और उसके नेताओं पर झूठे, आधारहीन आरोप लगा उन्हें बदनाम करके जनता को भ्रमित करने की कोशिश की है।
भाजपा के कानूनी मामलों के सेल के प्रमुख सत्य पाल जैन ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। राहुल गांधी ने हिंदू-सिख और हिंदू-मुसलमानों के बीच संप्रदायिक घृणा और तनाव बढ़ाने वाले भाषण देकर कांग्रेस को वोट देने की अपील की है।
साथ ही नकवी ने राहुल के पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितो से संपर्क करने के बयान की भी निंदा की।
उन्होंने कहा राहुल दिग्विजय सिंह नहीं हैं। वह पार्टी के स्टार कैंपेनर और वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आयोग से गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नकवी के साथ शिष्टमंडल में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर, सतपाल जैन और पिंकी आनंद शामिल थे।