भाजपा ने हिंदू आतंकवाद संबंधी बयान देकर विवादों में आए केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का सड़क से संसद तक बहिष्कार करने का फैसला किया है। शिंदे के सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाजपा कार्यकर्ता उन्हें काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताएंगे।
भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पार्टी की कोर कमेटी की शुक्रवार को हुई पहली बैठक में यह फैसला किया गया। 21 फरवरी से शुरू होने जा रहे संसद के बजट सत्र में भाजपा शिंदे का पूरी तरह से बहिष्कार करेगी।
शिंदे लोकसभा में सदन के नेता भी हैं, इसलिए भाजपा सदन के नेता के तौर पर उनकी बुलाई बैठकों से भी दूर रहेगी। गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति में भी शिंदे की मौजूदगी होने पर भाजपा बैठकों का बहिष्कार करेगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस के जयपुर चिंतन शिविर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा पर आतंकियों को प्रशिक्षण देने का विवादित बयान देने के बाद से शिंदे संघ परिवार के निशाने पर हैं। संघ से लेकर विश्व हिंदू परिषद तक भाजपा को इस मसले को जोरशोर से उठाने का आग्रह कर चुके हैं। इसलिए भाजपा की कोर कमेटी ने यह पहला बड़ा फैसला किया है। इससे पहले भाजपा तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदंबरम का भी लंबे समय तक बहिष्कार करती रही है।
इसके अलावा बैठक में संसद के बजट सत्र में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने को लेकर चर्चा हुई। कोर कमेटी ने कर्नाटक संकट पर भी विचार-विमर्श किया। कर्नाटक में भाजपा सरकार संकट में हैं। इसके अलावा पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक और संगठन की नई टीम को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में कमेटी के लगभग सभी सदस्य मौजूद थे।