देश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने धारा 377 को सही करार देते हुए कहा कि हम पश्चिमी सभ्यता को भारत में नहीं ला सकते हैं।
बीजेपी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को अपने अध्यक्ष के बयान का बचाव करते हुए कहा कि राजनाथ जी ने धारा 377 को लेकर जो भी कहा है वह सही है। हम अपने समाज और सभ्यता में पश्चिमी संस्कृति को नहीं ला सकते हैं।
'अप्राकृतिक काम' अच्छा नहीं
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को कहा कि हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन करती है। हम किसी भी 'अप्राकृतिक काम' को अच्छा नहीं कह सकते। हम आम तौर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। कोई कैसे किसी भी 'अप्राकृतिक काम' को अच्छा कह सकता है।
कांग्रेस ने किया था विरोध
यह बीजेपी की ओर धारा 377 पर दिया गया पहला बयान था। इससे पहले सरकार के अलावा कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा करते हुए कहा था कि लोगों को अपना जीवन जीने का पूरा अधिकार है। सरकार के साथ-साथ मीडिया और समाज का बहुत बड़ा तबका सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा कर चुका है।
संसद बना सकती है कानून
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था जिसमें कोर्ट ने कहा था समलैंगिक अगर किसी प्राइवेट स्थान पर सहमति से सेक्स करते हैं तो वह अपराध नहीं है। इसी फैसले पर सुनावाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को पलट दिया और कहा कि समलैंगिक सेक्स अपराध है और इसे कानूनी रूप देने के लिए संसद कदम उठाए।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीपी सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका डाली थी।