दिल्ली का नया मुख्यमंत्री बनने की ओर बढ़ रहे अरविंद केजरीवाल ने अभी कार्यभार भले न संभाला हो, लेकिन उन पर सियासी हमलों की शुरुआत हो गई है।
70 सदस्यों वाली विधानसभा में सबसे ज्यादा 32 सीटें जीतने के बावजूद सरकार बनाने से भाग खड़ी हुई भाजपा ने आम आदमी पार्टी के कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनाने के फैसले पर करारा हमला बोला है।
चुनावी जंगः हर राज्य के लिए अलग रणनीति बनाएगी BJP
अरविंद केजरीवाल, शीला दीक्षित के साथ नई दिल्ली सीट से किस्मत आजमाने वाले भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक केजरीवाल ने चुनावों से पहले अपने बच्चों की कसम खाकर कहा था कि वह भाजपा या कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेंगे, लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्होंने यह कसम तोड़ दी।
इस सीट पर केजरीवाल ने शीला और विजेंद्र, दोनों को बड़े अंतर से हरा दिया था। गुप्ता ने कहा, "जनता इस बात की वजह जानना चाहती है। केजरीवाल जनता को बताएं कि उन्होंने बच्चों की कसम क्यों तोड़ी?"
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर कांग्रेस ने आत्मघाती कदम उठाया है। और इस फैसले की उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी।
BJP ने इसलिए बनवाया केजरीवाल को CM!
चुनावों से पहले की एक वीडियो फुटेज में केजरीवाल यह कसम खाते दिख रहे हैं। जब संवाददाता ने उनसे पूछा कि त्रिशंकु विधानसभा होने पर वह क्या करेंगे, केजरीवाल ने जवाब दिया, "मैं अपने बच्चों की कसम खाता हूं कि न भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे और न ही कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे।"
दिल्ली विधानसभा चुनावों में 28 सीटों पर जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी ने सोमवार को उप राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया। 8 विधायकों वाली कांग्रेस ने उसे बिना शर्त समर्थन देने की बात कही है।