बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की उम्मीदें जदयू-राजद की आपसी खींचतान पर टिकी हैं। सर्वे और तमाम माध्यमों के जरिए भाजपा आलाकमान के सामने जो जमीनी सच्चाई सामने आ रही है उसमें जदयू और राजद के गठजोड़ की विफलता ही पार्टी के मंसूबे पूरे कर सकती है।
इससे पार्टी आलाकमान की चिंता बढ़ी हुई है। यही वजह है कि पार्टी ने प्रचार अभियान की अपनी पूरी रणनीति लालू और नीतीश की एकजुटता को कमजोर करने पर केंद्रित कर दी है।
जदयू और राजद प्रमुख के रिश्तों की दरार बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने के प्रयासों के तहत भाजपा ने आक्रामक हमले बोल कर चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही प्रचार में तल्खी ला दी है।