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‘दंगाई’ को भगवा झंडा, इलाहाबाद से लखनऊ तक आंदोलन

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इलाहाबाद में पुलिस लाइन में शुक्रवार को दंगा नियंत्रण को लेकर हुई मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को इलाहाबाद पहुंचे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने प्रदेश की सपा सरकार पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर ही मॉकड्रिल में यूपी पुलिस ने भगवा झंडे का इस्तेमाल किया।
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इसके विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इलाहाबाद से लेकर लखनऊ तक आंदोलन की घोषणा के साथ एसएसपी की ओर से माफी मांगने की भी मांग की। उन्होंने कमिश्नर राजन शुक्ला से मिलकर मामले की शिकायत की, जिसके बाद कमिश्नर ने डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सहित तमाम हिंदू संगठनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस लाइन में मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमा देने के मामले की खबर मिलते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शनिवार की सुबह ही इलाहाबाद पहुंच गए। यहां सांसद केशव प्रसाद मौर्य, श्यामा चरण गुप्त तथा वीरेंद्र सोनकर सहित पार्टी के अन्य नेताओं से मुलाकात कर उन्होंने प्रदेश की सपा सरकार पर सीधा हमला बोल दिया। कहा कि सरकार के इशारे पर ही दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमाया गया। भगवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। दंगाई के हाथ में इसे पकड़ा देना साधु संतो का अपमान है।
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भूल की है तो माफी मांगे एसएसपी

बाजपेयी ने कहा कि पूरे प्रकरण में एसएसपी इलाहाबाद ने खेद जताने के बजाय जो तर्क दिया वह उचित नहीं है। एसएसपी इस मामले में माफी मांगें और रोल प्ले करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई हो। प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में कमिश्नर से भी मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, पूरे मामले में भाजपा की इलाहाबाद इकाई दो जुलाई तक हर रोज शहर के अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन करेगी। तीन जुलाई को जिला मुख्यालय जबकि चार जुलाई को लखनऊ में प्रदेश भर के सांसदों की ओर से 24 घंटे के धरना प्रदर्शन में इस मुद्दे को भी जोड़ा जाएगा।

पुलिस लाइन में मॉकड्रिल के दौरान दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमा देने के मामले से अखाड़े के संतों में भी नाराजगी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत स्वामी नरेंद्र गिरि ने घटना को माहौल बिगाड़ने वाला बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मॉकड्रिल के दौरान धार्मिक झंडे के इस्तेमाल को महज भूल नहीं माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के समय धार्मिक झंडे के बजाए अन्य किसी चीज का प्रयोग होना चाहिए था। धार्मिक सद्भाव बनाए रखना हमारा दायित्व है लेकिन इसे कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। महंत नरेंद्र गिरि ने इस बाबत सीएम अखिलेश से बात करने सहित  अखाड़े के संतों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अधिकारी मानते है कि उनसे भूल हो गई है तो उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
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सड़क पर उतरे भाजपाई

दंगाई के हाथ में भगवा झंडा थमा देने के मामले में यूपी पुलिस के खिलाफ भाजपा एवं हिंदूवादी संगठनों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी द्वारा इस मामले में शनिवार को नाराजगी जताने के बाद भाजपाई सड़क पर उतर आए। इस दौरान विवेकानंद चौराहे पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर अपनी नाराजगी जाहिर की। यहां पुलिस द्वारा पुतला छीनने की कोशिश में भाजपाइयों के साथ धक्कामुक्की भी हुई। उधर, विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में एसएसपी से माफी मांगने की मांग आईजी से की है।

सपा ने भाजपा पर लगाया सियासत करने का आरोप
नकली दंगे में असली सियासत करने का आरोप समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर लगाया है। सपा युवजन सभा की ओर से शनिवार को पूर्व जिलाध्यक्ष रवींद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं पुलिस की मंशा कभी किसी धर्म संप्रदाय को ठेस पहुंचाने की नहीं रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संप्रदाय के नाम पर झंडे की राजनीति करना चाहती है। बैठक में अनुराग सहगल, अरुण गुप्ता, राकेश यादव, मो. रहमान आदि मौजूद रहे।
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