17 साल पुरानी दोस्ती खत्म होते ही जदयू और भाजपा एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा बंदी में जुट गए हैं।
भाजपा के विश्वासघात के आरोप पर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जिस भाजपा में बुजुर्ग नेताओं को किनारे लगाया जा रहा है, उसके नेता हमें विश्वास और विश्वासघात के बारे में न बताएं।
नीतीश का इशारा लालकृष्ण आडवाणी की नाराजगी के बावजूद भाजपा में नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की ओर था।
नीतीश ने कहा कि जो लोग अपने बुजुर्गों की इज्जत नहीं कर सकते वे हम पर आरोप लगा रहे हैं।
हालांकि जब नीतीश से जॉर्ज फर्नांडीज को जदयू में किनारे करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस आरोप को गलत बताया। नीतीश ने कहा कि जॉर्ज की तबीयत खराब है।
उन्होंने साफ कहा कि भाजपा से गठबंधन तोड़ने का फैसला सोच समझ कर किया गया है।
मालूम हो कि गठबंधन को तोड़ने का ठीकरा जदयू के सिर पर फोड़ने के लिए भाजपा मंगलवार को बिहार में विश्वासघात दिवस मनाने जा रही है।
बिहार विधानसभा में 19 जून को बहुमत साबित करने की तैयारी कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को दिनभर अपने घर पर जदयू नेताओं और सलाहकारों के साथ विचार विमर्श करते रहे।
चार निर्दलीय विधायक भी जदयू की बैठक में पहुंचे। मालूम हो कि जदयू के पास 118 विधायक हैं और नीतीश सरकार को बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ चार और विधायकों के समर्थन की ही जरूरत है।