कैबिनेट की हरी झंडी मिलने से नाराज भाजपा सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल के खिलाफ मैदान में उतर आई है। पार्टी के संसदीय दल ने इस बिल का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है।
बैठक के बाद राज्यसभा में भाजपा संसदीय दल के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह विधेयक देश के संघीय ढांचे पर प्रहार है। यह बिल जल्दबाजी में कैबिनेट में पारित कराया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्यों के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं देना चाहिए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल को लेकर कांग्रेस व यूपीए सरकार की कड़ी आलोचना की गई।
भाजपा शुरू से इस बिल का विरोध करती रही है। अब चुनावी साल में इस मुद्दे पर कांग्रेस पर सियासी हमला तेज करने जा रही है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महंगाई व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से भाग रही कांग्रेस लोकसभा चुनाव निकट देख वोट बैंक बढ़ाने के लिए ही यह विधेयक लाना चाहती है।
जबकि राष्ट्रीय एकता परिषद की 2011 में हुई बैठक में पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर मुख्यमंत्रियों ने इस आधार पर विधेयक का विरोध किया था कि यह संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है।