जाने माने इतिहासकार बिपिन चंद्रा का शनिवार सुबह निधन हो गया। वो 86 बरस के थे। भारत के राष्ट्रीय आंदोलन पर उनकी खास विशेषज्ञता थी और उन्हें महात्मा गांधी पर भारत के अग्रणीय विद्वानों में एक माना जाता था।
उनकी शुरुआती अहम किताबों में 'द राइज़ एंड ग्रोथ ऑफ इकॉनॉमिक नेशनलिज्म' भी शामिल है। 'इंडिया आफ़्टर इंडिपेंडेंस' और 'इंडियाज स्ट्रगल फॉर इंडिपेंडेंस' जैसी उनकी किताबें भी खासी चर्चित रही हैं।
उन्होंने शनिवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे अंतिम सांस ली।