जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पांच लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में भारतीय नर्सिग काउंसिल (आईएनसी) के सलाहकार महेश चन्द शर्मा को गिरफ्तार किया है।
महेश चंद शर्मा नर्सिग कॉलेजों में नए कोर्सो को मान्यता दिलाने के नाम रिश्वत लेते पकड़ा गया है।
शर्मा के पास से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) को 200 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। उसने यह सम्पत्ति पिछले कुछ सालों में ही अर्जित की है। आरोपी शर्मा सवाई मानसिंह अस्पताल में कंपाउंडर भी रह चुका है।
एसीबी ने बताया कि शर्मा विभिन्न नर्सिंग कॉलेज में नए कोर्सों को आईएनसी से स्वीकृति दिलाने के ऐवज में रिश्वत लिया करता था। उसने साल 1983 से कंपाउंडर के तौर पर काम शुरू किया और 2007 में आईएनसी का सदस्य बना। तब से वह कॉलेजों से रिश्वत ले रहा था।
वह कॉलेजों को अचानक निरीक्षण कराने की बात कहकर डराया करता था। जांच के बाद कुछ कॉलेजों को भी बंद कर दिया गया है।
महेश के पकड़े जाने के बाद उच्च स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में एसीबी को और जानकारियां मिली हैं। महेश ने पूछताछ में आईएनसी के अध्यक्ष टी दिलीप कुमार के शामिल होने की बात भी कही है।
अस्पताल, रिजॉर्ट और फार्म हाउस खरीदा
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एसीबी ने विद्युत नगर स्थित शर्मा के बंगले पर छापा मारा। यहां पर उन्हें शर्मा और उनकी पत्नी के नाम पर 200 करोड़ की संपत्ति और कंपनी की जानकारी मिली।
एसीबी के मुताबिक शर्मा ने एक अस्पताल, रिजॉर्ट और करोड़ों का फार्म हाउस भी खरीदा है। शर्मा और उसकी पत्नी की 25 नर्सिंग कॉलेज से साझेदारी भी है। इस संपत्ति में और इजाफा हो सकता है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
आरोपी महेश चंद शर्मा, ज्ञानाराम जमनालाल मानव सेवा समिति के सचिव डॉ. आरपी सैनी की शिकायत पर रंगे हाथों पकड़ा गया।
एसीबी के मुताबिक आरपी सैनी ने शिकायत की थी की न्यू सांगानेर रोड पर संचालित धनवंतरी नर्सिग कॉलेज में नए कोर्स की मान्यता दिलाने के नाम पर महेश ने दस लाख रुपए मांगे हैं। पांच लाख रुपए में सौदा तय हुआ।
महेश ने रिश्वत देने के लिए डॉ. सैनी को शिप्रा पथ स्थित अपने आरएजी हॉस्पिटल बुलाया, जहां एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह हॉस्पिटल महेश ने कुछ समय पहले 22 करोड़ में खरीदा था।
एसीबी अधिकारी ने बताया की महेश चंद शर्मा के निजी सहयोगी प्रोपर्टी डीलर राजेंद्र सैनी को भी गिरफ्तार किया गया है। शर्मा के बयान और जांच के बाद आइएनसी के अध्यक्ष का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है।