बिहार में 13 दिन पुरानी जीतन राम मांझी मंत्रिमंडल में सोमवार को 14 नए मंत्री शामिल किए गए। नए मंत्रियों को राज्यपाल ने शाम चार बजे पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 20 मई को सीएम पद की शपथ ली थी। इसके बाद से बिहार कैबिनेट का यह पहला विस्तार है। अब मांझी मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को छोड़कर मंत्रियों की संख्या 31 हो गई है।
बड़े पैमाने पर फेरबदल
मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के साथ ही पुराने मंत्रियों के विभागों में बड़े पैमाने पर फेरबदल भी किया गया है। राजद छोड़कर आए तीन विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है।
हाल ही में एमएलसी बनाए गए जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को भी मंत्री बनाया गया है, लेकिन उनके खिलाफ विरोध के सुर भी उठने लगे हैं।
सुपौल से जदयू विधायक बीमा भारती को भी मंत्री बनाया गया है। बीमा दसवीं पास नहीं हैं और शपथ ग्रहण के दौरान वह शपथ पत्र भी नहीं पढ़ पाईं।
जदयू में उठे विरोध के सुर
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही जदयू के अंदर विरोध के सुर उठने लगे हैं। जदयू प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा है कि पार्टी में ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने पार्टी को क्षति पहुंचाने का काम किया है।
कुमार ने फोन पर विरोध जताते हुए कहा कि जो लोग कल तक गांधी मैदान में नीतीश कुमार और जदयू के खिलाफ भाषण दे रहे थे, उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल रही है और पार्टी के समर्पित विधायकों की उपेक्षा हो रही है।
ललन सिंह का नाम लिए बगैर कुमार ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाले मलाई खाने के वक्त पार्टी के सम्मानित सदस्य बन जाते हैं।