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लक्ष्य से आगे निकला मोदी का स्वच्छ भारत अभियान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान सफलता के मामले में अपने लक्ष्य से काफी आगे निकल गया है। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार ने देश के ग्रामीण इलाकों में इस वर्ष 60 लाख शौचालय बनवाने का लक्ष्य रखा था।
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मगर इस अभियान के तहत अब तक देश में 81.41 लाख शौचालय बन गए हैं। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनवाने की रफ्तार बेहद तेज है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी के अनुसार एक दिन में देश में 51 हजार नए शौचालय बन रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि रोजना सुबह 10 बजे तक मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के पास जमीनी आकलन पहुंच रहा है। तकनीक के सहारे ऐसी व्यवस्था कि गई है कि अधिकारी निचले स्तर पर निगरानी के काम में भी जुटे हैं।
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वहीं पहले वर्ष अभियान की शुरूआत तामझाम से करने के बाद सरकार ने इस वर्ष कोई बड़ा आयोजन नहीं रखा है। पंचायती राज्य मंत्रालय ने ग्राम सभाओं से आग्रह किया है कि वे 2 अक्टूबर को अपने ग्राम सभा की बैठक कर जनता में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करें।

गांधी जयंती पर शुरू हुआ था अभियान

शौचालय बनाने की औसत रफ्तार पर नजर डालें तो देश में मोदी सरकार आने से पहले राज्यों में  यह रफ्तार लक्ष्य के 40.36 प्रतिशत थी। जो अब बढ़कर 46.86 प्रतिशत हो गई है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने खुद अपने हाथ में झाडू थामते हुए पिछले वर्ष गांधी ज्यंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान के तहत देश को खुले में शौच की समस्या से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया।

इसके लिए सरकार ने अगले 5 सालों में देशभर में 6.84 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनवाने का जिम्मा ग्रामीण विकास एवं पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय को सौंपा गया।

मंत्रालय ने अभियान के पहले वर्ष देश के गांवों में 60 लाख शौचालय बनवाने का लक्ष्य रखा। मगर शौचालय बनाने में कुछ राज्यों ने ऐसी रूचि दिखाई है कि मामला लक्ष्य से काफी आगे निकल गया है।
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यूपी से आगे निकला बिहार

बावजूद उसके कई राज्यों में शौचालय बनाने की रफ्तार बेहद धीमी है। उसमें देश का सबसे बड़ा प्रदेश उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इसके लिए केंद्र सरकार के अधिकारी राजनीतिक वजह मान रहे हैं।

सूबे में दूसरे दल की सरकार होने के वजह से अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। लेकिन बिहार ने इस मामले में अलग राह दिखाई है। पीएम मोदी से पटरी न बैठ पाने के बावजूद भी नीतीश ने बिहार में जमकर शौचालय बनवाए हैं। वहीं पंजाब सरीखे राज्य ने आवंटित बजट से ज्यादा का काम कर दिया है।

शौचालय बनवाने के मामले में राज्यों के लक्ष्य और रफ्तार कुछ यूं हैं। उत्तरप्रदेश के लिए 2385698 का लक्ष्य रखा गया। लेकिन 2 अक्टूबर 2014 से 21 सितंबर तक सूबे में महज 780502 शौचालय बने हैं। उत्तराखंड में लक्ष्य 56977 था, सूबे में 62440 शौचालय बने हैं। हरियाणा का लक्ष्य 96902 था। यहां 99188 शौचालय बने हैं।

वहीं पंजाब ने 85777 शौचालय बनवाने का लक्ष्य रखा था। मगर यहां 27725 शौचालय बने हैं। हिमाचल प्रदेश ने 81110 का लक्ष्य रखा था। इसमें 64954 शौचालय बने हैं। शौचालय बनवाने में सबसे ज्यादा रफ्तार पश्चिम बंगाल और राजस्थान की है।

पश्चिम बंगाल ने लक्ष्य से 108.45 प्रतिशत ज्यादा शौचालय बनवाए हैं। तो राजस्थान भी 96.92 प्रतिशत शौचालय बनवाकर लक्ष्य के करीब है।

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