विवादित बयानों से चर्चा में बने रहने वाले मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र में मंत्री बने बिहार के नेता राज्य का बकाया पैसा नहीं दिलाते हैं तो उन्हें बिहार में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह बात उन्होंने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शौचालय दिवस पर आयोजित एक समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र में सात मंत्री बिहार से बने हैं अगर ये लोग केंद्र की मदद नहीं लाते हैं तो फिर इनका यहां से जीत कर जाने का क्या फायदा। उन्हें बिहार की मदद करनी होगी, वरना हम उन्हें बिहार में नहीं घुसने देंगे।
बिहार से राधामोहन सिंह, रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, रामकृपाल यादव, गिरिराज सिंह व राजीव प्रताप रूडी केंद्र में मंत्री हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि हमें राजनीतिक आजादी तो मिल गई है, लेकिन अब भी शैक्षणिक एवं सामाजिक आजादी की जरूरत है। बचपन से हम ठोकर खाते आए हैं। महादलित हैं तो जो चाहता है वही ठोकर मार देता है।
मांझी ने कहा कि ठोकर खाते-खाते सीएम बन गया, ठोकर खाते-खाते ही पीएम भी बन जाऊंगा। मांझी ने कहा कि उनकी सरकार अगले पांच वर्षों में राज्य में दो करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराएगी।